मौत के साये में रहने की मजबूरी!

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दिल्ली के गोकलपुर गाँव के मकानों में दरार आने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। कई मकानों के फर्श तो पूरी तरह जमिंदोज हो चुके है।दिल्ली जल बोर्ड ने अपने प्रोजेक्ट के चक्कर में ग्रामीणों के घरों को बर्बाद कर दिया है लेकिन सीवर लाइन की खुदाई करने से पहले ग्रामीण को किसी प्रकार कोई सूचना नहीं दी गई। गोकलपुर गांव में सीवर की खुदाई के कारण मकानों में आई दरारों के बाद अबतक लगभग 16 मकानों को खतरनाक घोषित कर दिया गया है, जिसमे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। जिला प्रशासन के आला अधिकारियों ने गांव का निरीक्षण करने के बाद ये फैसला लिया कि इन मकानों में रह रहे सभी लोगों को राहत शिविरों में शिफ्ट किया जाये और जो सुविधा प्रशासन की तरफ से दी जा सकती है सभी को जल्द से जल्द मुहैया कराया जाय जिससे किसी को किसी प्रकार की कोई समस्या न हो। प्रशासन द्वारा ग्रामीणों के लिए कैम्प लगाये तो गए लेकिन इलाके के लोगों का कहना है कि इन कैम्पों में किसी प्रकार की कोई सुविधा नहीं है। लगातार हो रही मकान धंसने की घटनाओं से गांव के लोगों में दहशत का माहौल है।

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