Jewellers Meeting – Modi सरकार के BUDGET से नाखुश ज्वैलर्स

सोने के इम्पोर्ट पर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाने से नाराज है ज्वेलर 
इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाने को बताया तानाशाही फैसला 
फैसले के होंगे कई दीर्घकालीन गंभीर परिणाम 
बुलियन मार्केट ने ज्वेलरों के स्किल डेवलपमेंट 

सोने चांदी के भाव में लगातार हो रही उठापटक से ज्वेलरी इंडस्ट्री पहले ही खासी परेशान थी, उस पर मोदी पार्ट 2 के पहले ही बजट में सोने की इम्पोर्ट ड्यूटी में ढाई प्रतिशत की बढ़ोतरी ने कमर ही तोड़ दी। इसे देखते हुए इंडियन बुलियन एसोसिएशन ने ज्वेलरों के लिए स्किल डेवलपमेंट का एक कार्यक्रम रखा। जिसमे मुम्बाई से आए विशेषज्ञ ने बताया कि कैसे उतार चढ़ाव के बेहद अनिश्चितता वाले समय में भी छोटी छोटी सावधानियों से नुकसान से बचा जा सकता है।  

योगेश सिंघल की माने तो सोने की इम्पोर्ट रोकने के लिए सरकार का यह तरीका बिलकुल तानाशाही है।  इससे अर्थव्यवस्था को तो खासा नुकसान होगा ही, साथ ही बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और टेरर फंडिग को बढ़ावा मिलेगा तो वहीँ ईमानदार लोगों के लिए काम करना मुश्किल हो जाएगा।  

लेकिन बुलियन एसोसिएशन और एमसीएच का मानना है कि इन सभी परेशानियों के बाद भी छोटी छोटी सी सावधानियों से नुकसान से बचते हुए आमदनी की जा सकती है। 

इंडियन बुलियन एसोसिएशन देश भर के ज्वेलरों को इस तरह की परेशानी से बचाने के लिए पुरे देश में इस तरह के स्किल डेवलपमेंट का वर्कशॉप आयोजित करने जा रही है।  

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