दिल्ली: कृषि बिल पर किसान सम्मेलन में कुछ क्यों नहीं बोले बीजेपी सांसद हंसराज हंस?

राजेंद्र स्वामी , दिल्ली दर्पण ब्यूरो 

नरेला। दिल्ली नगर निगम चुनावों में किसान वोटरों को साधने में लगी बीजेपी किसान सम्मेलन कर  दिल्ली देहात के वोटरों को साधने में लगी है। एक तरफ जहाँ वह मोदी सरकार के कृषि बिल की खूबियों को बता रही है वहीँ दिल्ली सरकार के किसान विरोधी फैसलों को भी सामने रख रही है। इन मौकों पर बीजेपी के तमाम नेता किसान बिल की खासियत बता रहे है लेकिन नार्थ वेस्ट जिले से बीजेपी सांसद हंसराज हंस किसान बिल पर कुछ भी बोलने से बचते नजर आतें है। रविवार को नार्थ वेस्ट जिले के नरेला इलाके में हुए किसान सम्मलेन में कृषि बिल पर कुछ भी न कहना लोगों के बीच ही नहीं बीजेपी नेताओं में भी अंदर ही अंदर चर्चा है। हैरान व्यक्त की जा रही है कि किसानों के सबसे बड़े मुद्दे किसान बिल पर किसान सम्मलेन में कृषि बिल पर वे चुप क्यों रहे। पंजाब मूल के होने के चलते क्या से किसान बिल पर आंदोलनकारी किसानों के पक्ष में है या फिर किसान बिल की उन्हें जानकारी ही नहीं है। 

बीजेपी से जुड़े नेता चर्चा कर रहे है कि सांसद हंसराज हंस का किसान बिल पर चुप्पी साधना क्या पंजाब के किसानों से प्रेम है या फिर वे किसान बिल को सचमुच किसानों का विरोधी मान हैं। यह दावा करने वालों की भी कमी नहीं है की हंसराज हंस को किसान बिल की जानकारी नहीं है। वे हर सभा में शायराना अंदाज में बात करते है , और जनसेवा का कार्य गिनाते है। विकास का दावा करते है और चलते बनते है। किसान आंदोलन पर बीजेपी ने जितने भी प्रदर्शन किये उसमें हंसराज हंस या तो इस विषय पर चुप रहतें है या फिर ऐसे आयोजनों में आते ही नहीं। 

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बहरहाल हंसराज हंस किसान बिल पर चाहे जो रुख रखें ,दिल्ली देहात के बीजेपी नेता और किसान मोर्चा दिल्ली देहात को किसान बिल पर उठे सवालों को साफ़ करते नजर आतें है। किसान बिल की खासियतों को लोगों के सामने रख रहे है। साथ ही यह भी सवाल उठा रहे है कि दिल्ली के किसानों की जमीन लेकर दिल्ली सरकार उन्हें दे क्या रही है। एमएसपी तक ख़त्म करने वाली दिल्ली सरकार किसानों को अलटरनेट प्लाट ,भूमि अधिग्रहित परिवार को नौकरी या मॉल में दूकान देने को तैयार नहीं है। दिल्ली में आंदोलन कर रहे किसानों का समर्थन कर रही है लेकिन दिल्ली के किसानों के हितों की उपेक्षा कर रही है। नार्थ वेस्ट जिले के किसान मोर्चा अध्यक्ष ने हंसराज हंस की मौजूदगी में यह सब बातें सामने रखी और ऐलान किया कि बीजेपी दिल्ली के किसानों का झंडा उठाकर उनके हितों के लिए संघर्ष करेगी।  दिल्ली विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष रामबीर बिधूड़ी ने भी दिल्ली सरकार को जमकर आड़े हाथों लिया। 

हंसराज हंस लोगों के बीच कम आते है पर बीजेपी के उद्घाटनों और सम्मलेन में जरूर नजर आते है। वे सांसद के साथ एक सेलेब्रटी भी है , ऐसे में यदि वे किसान बिल पर कुछ भी बोलते है और उसका एक असर होता है। जानकारों के अनुसार किसान आंदोलन का अगुवा पंजाब है। ये वजह है कि वे पार्टी और पंजाब प्रेम के दो पाटों में फसे नजर आते है। हालांकि कुछ नेता कहतें है कि उन्हें देश के बड़े मुद्दों और मामलों की समझ नहीं है। इसलिए वे सेवा और विकास कर बात करते है और ऐसे मामलों में बोलने से बचते है। 

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