नई दिल्ली (दिल्ली दर्पण टीवी): उत्तरी दिल्ली के वजीरपुर जेजे कॉलोनी में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां एक जर्जर मकान का छज्जा गिरने से 5 साल के एक मासूम बच्चे की जान चली गई। इस हादसे ने न केवल एक मां की गोद उजाड़ दी, बल्कि इलाके में प्रशासन और मकान मालिकों की लापरवाही पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
खेलते समय सिर पर गिरा मौत का मलबा
हादसा वजीरपुर जेजे कॉलोनी के जी-ब्लॉक में मद्रासी मंदिर के सामने हुआ। जानकारी के मुताबिक, दो मंजिला पुराना मकान काफी समय से जर्जर हालत में था। शनिवार को जब बच्चे घर के पास खेल रहे थे, तभी अचानक मकान का छज्जा भरभरा कर गिर पड़ा। मलबे की चपेट में आने से 5 साल का मासूम बुरी तरह दब गया। स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद बच्चों को मलबे से बाहर निकाला, लेकिन तब तक मासूम को गंभीर चोटें आ चुकी थीं।
मां की चीखों से दहला इलाका
हादसे के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई। अपने लाल को मलबे के नीचे तड़पता देख मां का बुरा हाल था। चश्मदीदों ने बताया कि मलबा गिरने के कुछ ही सेकंड के भीतर खुशियां मातम में बदल गईं। घायल बच्चों को तुरंत दीप चंद बंधु अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने 5 साल के बच्चे को मृत घोषित कर दिया। वहीं, 10 साल की एक अन्य बच्ची गंभीर रूप से घायल है और फिलहाल अस्पताल में अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रही है।
प्रशासन और मकान मालिक की लापरवाही पर उठे सवाल
हादसे की सूचना मिलते ही पूर्व निगम पार्षद चित्रा विद्यार्थी और भारत नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इलाके में कई मकान जर्जर हालत में हैं, लेकिन न तो मकान मालिक उनकी मरम्मत कराते हैं और न ही प्रशासन इन खतरनाक ढांचों पर कोई कार्रवाई करता है। गरीबी के कारण कई परिवार अपनी जान जोखिम में डालकर इन ‘मौत के घरों’ में रहने को मजबूर हैं
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