द्वारका के लोगों को आखिरकार राहत मिली है। बीते कई हफ्तों से इलाके में साइकिल चोरी की घटनाएँ इतनी बढ़ गई थीं कि लोग अपनी साइकिलें घर के बाहर रखने से भी डरने लगे थे। सुबह उठकर साइकिल गायब मिलना अब आम बात बन चुकी थी। किसी की रोज़ ऑफिस जाने वाली साइकिल चोरी हो जाती, तो किसी बच्चे की नई साइकिल रातों-रात गायब हो जाती थी। धीरे-धीरे यह चोरी सिर्फ एक परेशानी नहीं, बल्कि लोगों के मन में डर और असुरक्षा का कारण बनने लगी थी।
इसी बीच द्वारका पुलिस ने लगातार बढ़ती शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एक विशेष टीम बनाई। टीम ने इलाके के कई सीसीटीवी फुटेज खंगाले, लोगों से पूछताछ की और चोरी की घटनाओं के समय व तरीके में पैटर्न ढूँढने की कोशिश की। कई दिनों की मेहनत के बाद पुलिस को एक शक़्स पर संदेह हुआ जो रात के अंधेरे में छोटी गलियों से घूमते हुए दिखाई देता था। और आखिरकार एक ट्रैकिंग ऑपरेशन के बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
गिरफ्तार किए गए युवक से पूछताछ में पता चला कि वह काफी समय से साइकिल चोरी कर रहा था। उसके घर और छिपाए गए ठिकाने से 16 चोरी की साइकिलें बरामद की गईं। पुलिस के लिए भी यह संख्या हैरान करने वाली थी, क्योंकि यह साफ दिखाता था कि इलाके में पिछले कई महीनों से चल रही अधिकतर चोरियाँ उसी ने की थीं।

आरोपी ने खुलासा किया कि वह चोरी की गई साइकिलें सस्ते दाम पर बेचकर पैसे कमाता था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या वह अकेले काम कर रहा था या किसी छोटे गिरोह का हिस्सा था।
स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई की जमकर सराहना की। कई निवासियों ने कहा कि इस गिरफ्तारी से उन्हें सुरक्षा महसूस हो रही है, खासकर उन परिवारों को जो रोज साइकिल पर स्कूल या ऑफिस जाते हैं।
पुलिस ने आश्वासन दिया है कि वह गश्त बढ़ाएगी और निगरानी को और सख़्त करेगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएँ दोबारा न हों।
इस गिरफ्तारी ने द्वारका के लोगों के मन में भरोसा वापस जगाया है—कि उनकी साइकिलें और उनका इलाका अब सुरक्षित है।
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