नई दिल्ली (दिल्ली दर्पण ब्यूरो): किसान संघर्ष समिति द्वारा आयोजित 340वीं किसान पंचायत राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुनीलम की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस पंचायत में देशभर के किसान नेताओं ने एकजुट होकर सरकार की नीतियों के खिलाफ हुंकार भरी। पंचायत में मुख्य रूप से हरियाणा में गेहूं खरीद हेतु लागू ‘बायोमेट्रिक सिस्टम’ का विरोध किया गया और पंजाब में फसल बर्बादी के लिए भारी मुआवजे की मांग का पुरजोर समर्थन किया गया।
“किसानों की आय 8 गुना नहीं, बल्कि आधी रह गई”
पंचायत को संबोधित करते हुए डॉ. सुनीलम ने केंद्रीय कृषि मंत्री के उस दावे को पूरी तरह ‘फर्जी’ करार दिया, जिसमें किसानों की आय 8 गुना बढ़ जाने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि जमीनी हकीकत यह है कि लागत बढ़ने और फसलों के उचित दाम न मिलने से किसानों की आमदनी पहले के मुकाबले आधी रह गई है। उन्होंने देशभर के संगठनों से पंजाब और हरियाणा के किसानों की एकजुटता से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
हरियाणा और पंजाब के आंदोलनों को मिला समर्थन
- हरियाणा: अखिल भारतीय किसान सभा के इंद्रजीत सिंह और हरजिंदर सिंह ने बताया कि गेहूं खरीद में बायोमेट्रिक सिस्टम लागू कर किसानों को परेशान किया जा रहा है, जिसका संयुक्त किसान मोर्चा कड़ा विरोध कर रहा है।
- पंजाब: पंजाब किसान यूनियन के गुरनाम सिंह भिक्की ने जानकारी दी कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से पंजाब में 1.25 लाख एकड़ फसल बर्बाद हो गई है। पंचायत ने मांग की कि मुख्यमंत्री अपनी घोषणा के अनुसार ₹50,000 प्रति एकड़ मुआवजा और कर्ज माफी को तुरंत लागू करें।
छुट्टा पशु, जंगली जानवर और बिजली विभाग की लापरवाही
पंचायत में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए, जिनमें शामिल हैं:
- राष्ट्रीय कानून की मांग: जंगली जानवरों और छुट्टा पशुओं द्वारा फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कानून बनाने की मांग की गई।
- बिजली विभाग पर जवाबदेही: शॉर्ट सर्किट या लापरवाही से फसल जलने पर लागत का डेढ़ गुना मुआवजा देने की वकालत की गई।
- प्राकृतिक संसाधनों की लूट: सिंगरौली और अनूपपुर के नेताओं ने आदिवासियों के दमन और भूमि अधिग्रहण के खिलाफ आवाज उठाई।
आगामी कार्यक्रम: अमरोहा और सीधी में होगी महापंचायत
किसान संघर्ष समिति ने आगामी आंदोलनों की रूपरेखा भी साझा की। इसके तहत 19 अप्रैल को अमरोहा (उत्तर प्रदेश) और 7 जून को सीधी (मध्य प्रदेश) में बड़ी किसान-मजदूर पंचायत का आयोजन किया जाएगा।
मध्य प्रदेश की अध्यक्ष एड. आराधना भार्गव ने छिंदवाड़ा जिलाधीश कार्यालय पर प्रदर्शन की जानकारी दी, वहीं संदीप ठाकुर ने गेहूं खरीद केंद्रों पर बारदाने की कमी और तकनीकी दिक्कतों पर आक्रोश व्यक्त किया। पंचायत का संचालन रामस्वरूप मंत्री ने किया।

