ई दिल्ली।
राजधानी दिल्ली में यातायात नियमों के उल्लंघन से जुड़े लंबित चालानों के निपटारे के लिए 10 जनवरी को एक बड़ी पहल की जा रही है। दिल्ली राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण (DSLSA) और delhi traffic police के संयुक्त तत्वावधान में दिल्ली की सात जिला अदालतों में लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस लोक अदालत के माध्यम से करीब 1.80 लाख लंबित ट्रैफिक चालानों का निपटारा किए जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
अधिकारियों के अनुसार, यह लोक अदालत केवल उन्हीं चालानों पर विचार करेगी जो समझौता योग्य (Compounding) हैं और जिन्हें 30 नवंबर 2025 तक वर्चुअल कोर्ट में भेजा जा चुका है। इसका उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया को सरल, तेज और नागरिकों के लिए सुलभ बनाना है, ताकि वर्षों से लंबित मामलों का समयबद्ध समाधान हो सके।
लोक अदालत का आयोजन पटियाला हाउस, कड़कड़डूमा, तीस हजारी, साकेत, रोहिणी, द्वारका और राउज एवेन्यू कोर्ट में किया जाएगा। इन सभी अदालत परिसरों में एक साथ सुनवाई होगी, जिससे अधिक से अधिक मामलों का निपटारा एक ही दिन में संभव हो सके।

delhi traffic police ने नागरिकों की सुविधा के लिए चालान और नोटिस डाउनलोड करने की व्यवस्था भी की है। सोमवार से सुबह 10 बजे लिंक सक्रिय होगा, जिसके बाद लोग delhi traffic police की आधिकारिक वेबसाइट से अपने चालान या नोटिस डाउनलोड कर सकेंगे। प्रत्येक दिन अधिकतम 45 हजार चालान डाउनलोड किए जा सकेंगे और यह प्रक्रिया तब तक जारी रहेगी जब तक कुल 1.80 लाख चालानों की सीमा पूरी नहीं हो जाती।
नागरिक https://traffic.delhipolice.gov.in/notice/lokadalat लिंक पर जाकर अपने चालान या नोटिस की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। लोक अदालत में तय की गई राशि का भुगतान कर चालान का निपटारा किया जा सकेगा, जिससे न केवल आर्थिक बोझ कम होगा बल्कि अदालतों पर बढ़ते मामलों का दबाव भी घटेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि लोक अदालतें वैकल्पिक विवाद समाधान का प्रभावी माध्यम हैं, जहां बिना लंबी कानूनी प्रक्रिया के आपसी सहमति से मामलों का निपटारा होता है। दिल्ली में आयोजित यह लोक अदालत न सिर्फ ट्रैफिक चालान मामलों को सुलझाने में मददगार साबित होगी, बल्कि नागरिकों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता भी बढ़ाएगी।

