अगर आप मेडिकल स्टोर से बिना डॉक्टर की सलाह के कफ सिरप या कोई अन्य औषधीय सिरप खरीदते हैं, तो अब ऐसा करना आसान नहीं होगा। केंद्र सरकार ने सिरप दवाओं की ओवर-द-काउंटर (OTC) बिक्री पर रोक लगाने का फैसला किया है। नए नियम के तहत अब किसी भी तरह की दवा वाली सिरप खरीदने के लिए डॉक्टर का वैध प्रिस्क्रिप्शन दिखाना अनिवार्य होगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने ‘ड्रग्स (5वां संशोधन) नियम, 2026’ की अधिसूचना जारी करते हुए यह बड़ा बदलाव लागू किया है।
क्या बदला है?
अब तक कई प्रकार की कफ सिरप और अन्य दवा वाली सिरप सामान्य दवाओं की तरह मेडिकल स्टोर पर आसानी से उपलब्ध थीं। लेकिन नए संशोधन के बाद सरकार ने इन्हें ‘Schedule K’ की सूची से बाहर कर दिया है। इसका सीधा मतलब है कि अब बिना डॉक्टर की पर्ची के सिरप बेचना और खरीदना कानून का उल्लंघन माना जाएगा।
सरकार ने यह कदम क्यों उठाया?
हाल के महीनों में राजस्थान और मध्य प्रदेश में कथित रूप से दूषित कफ सिरप के सेवन से कई बच्चों की मौत के मामले सामने आए थे। इन घटनाओं के बाद दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे। साथ ही विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ओर से भी भारतीय कफ सिरप को लेकर कुछ चेतावनियां जारी की गई थीं।
इन्हीं घटनाओं को देखते हुए सरकार ने लिक्विड दवाओं की गुणवत्ता पर निगरानी बढ़ाने, उनकी बिक्री को नियंत्रित करने और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह सख्त कदम उठाया है।
क्या होगा असर?
नए नियम लागू होने के बाद अब मरीजों को कफ सिरप या अन्य औषधीय सिरप खरीदने से पहले डॉक्टर की सलाह और प्रिस्क्रिप्शन लेना होगा। सरकार का मानना है कि इससे दवाओं के गलत इस्तेमाल पर रोक लगेगी और मरीजों, खासकर बच्चों की सुरक्षा बेहतर होगी।
खांसी की सिरप बच्चों को कब और किस परिस्थिति में देनी चाहिए? नए नियमों का आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा? इस विषय पर विशेषज्ञों की राय जानना भी बेहद जरूरी होगा।