फ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इजरायल को लेकर बड़ा बयान दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी के साथ बातचीत के दौरान ट्रंप ने इजरायली नेतृत्व को लेकर सख्त रुख दिखाया और कहा कि अगर उन्होंने अपने कार्यकाल में महत्वपूर्ण फैसले नहीं लिए होते, तो इजरायल की स्थिति आज अलग हो सकती थी।
ट्रंप का बड़ा दावा
ट्रंप ने कहा कि, “अगर मैं न होता, तो इजरायल का अस्तित्व ही नहीं होता, क्योंकि कोई दूसरा राष्ट्रपति वह कदम उठाने को तैयार नहीं था जो मैंने उठाए।” उनके इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है।
अमेरिका-ईरान वार्ता के बीच आया बयान
ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय में सामने आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते और क्षेत्रीय तनाव को कम करने को लेकर बातचीत की खबरें चर्चा में हैं। माना जा रहा है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और सैन्य गतिविधियों को लेकर अमेरिका अपनी रणनीति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
हिज्बुल्लाह और क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी चर्चा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप ने हिज्बुल्लाह से निपटने की रणनीति को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने संकेत दिया कि क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए अलग-अलग विकल्पों पर विचार किया जाना चाहिए।
बढ़ सकती है राजनीतिक बहस
ट्रंप के इस बयान को लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बहस तेज हो सकती है। विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम एशिया की बदलती परिस्थितियों और अमेरिका की भूमिका को लेकर ऐसे बयान आने वाले दिनों में और चर्चा का विषय बन सकते हैं।