देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर एक गंभीर और चिंताजनक ट्रेंड सामने आया है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) भारतीय युवाओं को इंटरनेट और अन्य माध्यमों के जरिए कट्टरपंथ की ओर प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।
नई दिल्ली से मिली जानकारी के मुताबिक, हाल के महीनों में कई राज्यों की आतंकवाद निरोधक इकाइयों ने आईएसआई से जुड़े मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है, जिसमें युवाओं को भर्ती करने और उन्हें आतंकी गतिविधियों की ओर प्रेरित करने के प्रयास सामने आए हैं।
इंटरनेट बना मुख्य माध्यम
रिपोर्ट्स के अनुसार, आईएसआई सोशल मीडिया और इंटरनेट प्लेटफॉर्म्स के जरिए युवाओं को लक्षित कर रही है। उन्हें विभिन्न प्रकार के प्रलोभन देकर धीरे-धीरे कट्टरपंथ की ओर धकेलने की कोशिश की जा रही है, जिसे सुरक्षा एजेंसियां ‘नई तरह का साइबर-आधारित खतरा’ मान रही हैं।
‘हाइब्रिड वॉर’ की आशंका
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह गतिविधियां एक प्रकार के ‘हाइब्रिड वॉर’ का हिस्सा हैं, जिसमें साइबर माध्यमों और अंडरवर्ल्ड नेटवर्क का उपयोग किया जा रहा है।
एजेंसियां हुईं सतर्क
इस चुनौती से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियां अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वित्तीय निगरानी और जन जागरूकता अभियानों जैसे बहुआयामी उपाय अपना रही हैं।
देश की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने खुफिया एजेंसियों और सुरक्षा तंत्र की चिंता बढ़ा दी है। एजेंसियां अब इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए सक्रिय कार्रवाई में जुटी हैं।