–सांसद प्रवीण खंडेलवाल के सामने स्वाभिमान अपार्टमेंट में हुआ हाई-प्रोफाइल ड्रामा; – -पार्षद वीना असीजा ने विधायक – -पूनम भारद्वाज, उनके पति और ससुर के खिलाफ दी लिखित शिकायत
–दिल्ली दर्पण ब्यूरो
नई दिल्ली, 16 जून: राजधानी दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के भीतर चल रही अंदरूनी गुटबाजी अब बंद कमरों से निकलकर सरेआम सड़कों पर आ गई है। चांदनी चौक लोकसभा क्षेत्र के वज़ीरपुर विधानसभा इलाके में आज मंगलवार को सत्ता के अहंकार और आपसी सिरफुटौव्वल का एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। वज़ीरपुर इंडस्ट्रियल एरिया के जेलरवाला बाग स्थित ‘स्वाभिमान अपार्टमेंट’ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान वज़ीरपुर की क्षेत्रीय विधायक पूनम भारद्वाज और अशोक विहार वार्ड-65 की नवनिर्वाचित निगम पार्षद वीना असीजा के बीच सरेआम हाथापाई और मारपीट हो गई।
पार्षद वीना असीजा ने विधायक पूनम भारद्वाज पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विधायक ने दुर्भावना और राजनीतिक द्वेष के चलते सबके सामने उनकी बाजू मरोड़ी, उन्हें ज़ोरदार थप्पड़ मारा और जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित पार्षद ने इस घटना के संबंध में अशोक विहार थाना पुलिस और बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व को लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई है। सत्ताधारी दल का मामला होने के कारण स्थानीय पुलिस और बीजेपी संगठन दोनों में हड़कंप मचा हुआ है।
मिली जानकारी के अनुसार, स्वाभिमान अपार्टमेंट में केंद्र की मोदी सरकार के गौरवशाली 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में चांदनी चौक के सांसद प्रवीण खंडेलवाल, विधायक पूनम भारद्वाज, पार्षद वीना असीजा, बीजेपी जिला अध्यक्ष सहित क्षेत्र के कई बड़े स्थानीय नेता और कार्यकर्ता शामिल थे।
पार्षद वीना असीजा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि जैसे ही कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हुआ और सांसद प्रवीण खंडेलवाल वहां से रवाना होने की तैयारी में थे, तभी स्वाभिमान अपार्टमेंट के कई स्थानीय निवासी अपनी बुनियादी नागरिक समस्याएं लेकर उनके पास आ गए। एक जनप्रतिनिधि होने के नाते जब वीना असीजा ने लोगों से कहा कि “जब प्रधानमंत्री जी ने आपको इतने सुंदर फ्लैट दिए हैं, तो आपकी अन्य समस्याएं भी हम सब मिलकर दूर करेंगे,” तभी अचानक पीछे से विधायक पूनम भारद्वाज अपने पति अशोक भारद्वाज और ससुर सुरेश भारद्वाज के साथ वहां आ धमकें। आरोप है कि विधायक ने आव देखा न ताव, सीधे पार्षद की बाजू मरोड़कर उन्हें थप्पड़ जड़ दिया और उनके सहयोगी के साथ भी मारपीट की।
चश्मदीदों के अनुसार, जब यह पूरा ड्रामा और मारपीट हो रही थी, उस वक्त सांसद प्रवीण खंडेलवाल भी मौके पर ही मौजूद थे। लेकिन वे बीच-बचाव करने या मामले को शांत कराने के बजाय तुरंत गाड़ी में बैठकर वहां से रवाना हो गए, जिसे लेकर क्षेत्र में कई तरह की चर्चाएं गर्म हैं।
विधायक परिवार की दादागिरी का पुराना इतिहास, वीडियो हुआ था वायरल
पार्षद वीना असीजा ने आरोप लगाया कि विधायक और उनका परिवार काफी समय से उन्हें और उनके कार्यकर्ताओं को मानसिक व सामाजिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है। वीना असीजा अभी दो महीने पहले ही निगम उपचुनाव जीतकर पार्षद बनी हैं, लेकिन तभी से विधायक परिवार उनकी सक्रियता से बौखलाया हुआ है।
इससे पहले बीती 27 अप्रैल को भी विधायक के पति अशोक भारद्वाज का एक वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आई थी, जिसमें वे पार्षद वीना असीजा के बेटे पुनीत असीजा को सरेआम बेहद भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए उसके हाथ-पैर तोड़ने और पुलिस के दम पर जेल में बंद कराने की धमकी दे रहे थे। तब तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के कहने पर अशोक विहार थाने में शिकायत दी गई थी, लेकिन रसूख के कारण पुलिस ने कोई संज्ञान नहीं लिया, जिससे विधायक परिवार के हौसले और बुलंद हो गए।
सांसद की कार्यशैली पर भी उठे गंभीर सवाल
इस घटना के बाद राजनीतिक हलकों में चांदनी चौक के सांसद प्रवीण खंडेलवाल की कार्यशैली पर भी उंगलियां उठने लगी हैं। स्थानीय नेताओं का दबी जुबान में कहना है कि सांसद की एकतरफा सक्रियता के कारण ही क्षेत्र में विधायक और पार्षदों के बीच के झगड़े बेलगाम हो रहे हैं। पूरी लोकसभा को छोड़कर सांसद की सबसे ज्यादा सक्रियता सिर्फ वज़ीरपुर में ही देखी जा रही है। अब तक उन्होंने जितने भी ‘जनसंवाद’ कार्यक्रम किए, उनमें से अधिकांश वज़ीरपुर में ही हुए, जहाँ बड़े अफसरों के सामने स्थानीय छोटे अधिकारियों को हड़काने का काम ज्यादा होता रहा। इसी कथित ‘शह’ के कारण विधायक परिवार खुद को कानून से ऊपर समझने लगा है।
पुलिस और संगठन के लिए बनी सिरदर्दी
इस हाई-प्रोफाइल ‘थप्पड़ कांड’ के बाद बीजेपी संगठन पूरी तरह बैकफुट पर आ गया है। ‘महिला सम्मान’ का नारा देने वाली पार्टी के लिए अपनी ही एक महिला पार्षद पर अपनी ही विधायक द्वारा हाथ उठाए जाने का जवाब देना भारी पड़ रहा है। हालांकि, इस पूरे मामले में विधायक के पति अशोक भारद्वाज ऐसी किसी भी घटना के होने से साफ इनकार कर रहे हैं और आरोपों को राजनीति से प्रेरित बता रहे हैं। फिलहाल, अशोक विहार थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है, लेकिन सत्ता के दबाव के कारण अब तक कोई एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं की जा सकी है।
