Monday, March 9, 2026
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  खाटू श्याम दिल्ली धाम में अब वाल्मीकि धाम भी होगा शुमार ,भव्य  शिलान्यास समारोह  20 अप्रैल को 

दिल्ली दर्पण ब्यूरो

दिल्ली, 18 अप्रैल 2025: दिल्ली के जीटी करनाल रोड पर निर्माणाधीन खाटू श्याम दिल्ली धाम, जिसे दुनिया का आठवां आश्चर्य बनाने की परिकल्पना की गई है, सनातन संस्कृति, राष्ट्रवाद और आध्यात्मिक एकता के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठा रहा है। इस विशाल परिसर में 36 धाम और 36 घाट प्रस्तावित हैं, जिनमें नवघोषित वाल्मीकि धाम एक प्रमुख आकर्षण होगा। यह परियोजना भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विभिन्न धर्मों के संगम को प्रदर्शित करने वाला एक अनूठा केंद्र बनने जा रही है।आज आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में खाटू श्याम दिल्ली धाम के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री घनश्याम गुप्ता जावेरी ने वाल्मीकि धाम के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने बताया कि यह पहला वाल्मीकि मंदिर होगा, जिसे गैर-वाल्मीकि समुदाय द्वारा बनाया जा रहा है। जावेरी ने कहा, “देशभर में वाल्मीकि मंदिर वाल्मीकि समुदाय द्वारा बनाए गए हैं, लेकिन दिल्ली में बन रहा यह वाल्मीकि धाम खाटू श्याम दिल्ली धाम ट्रस्ट द्वारा निर्मित किया जा रहा है, जो एकता और समावेशिता का प्रतीक है।”खाटू श्याम दिल्ली धाम परिसर में वाल्मीकि धाम के अलावा अयोध्या धाम, गुरु नानक धाम (गुरुद्वारा), महावीर स्वामी धाम और गौतम बुद्ध धाम जैसे अन्य आध्यात्मिक केंद्र भी एक ही छत के नीचे स्थापित किए जा रहे हैं। यह विभिन्न धर्मों का अनूठा संगम ट्रस्ट के धार्मिक सौहार्द और भारत की सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा देने के संकल्प को दर्शाता है।

वाल्मीकि धाम का शिलान्यास समारोह रविवार, 20 अप्रैल 2025 को सुबह 10:00 बजे भव्य रूप से आयोजित होगा, जिसमें भारतीय जनता पार्टी के महामंत्री और हजारों भक्तों की उपस्थिति होगी। जावेरी ने राष्ट्रीय महामंत्री श्री संजीव मित्तल, श्री रमेश गुप्ता, श्री पवन सिंघल, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष श्रीमती मधु गोयल, श्री नवीन गर्ग और श्री अनिल गुप्ता के साथ मिलकर बताया कि वाल्मीकि धाम का 60% निर्माण कार्य पहले ही पूरा हो चुका है। यह समारोह एक ऐतिहासिक और भव्य आयोजन होगा, जो भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को विश्व पटल पर प्रदर्शित करेगा।वाल्मीकि धाम एक वास्तुशिल्पीय चमत्कार होगा, जिसमें चारों ओर खुला ढांचा और भगवान वाल्मीकि की दो भव्य प्रतिमाएं होंगी। भक्त पहली मंजिल पर जाकर पवित्र कलावा (मोली) बांधकर अपनी मनोकामनाओं के लिए प्रार्थना कर सकेंगे। ट्रस्ट ने देशभर के भक्तों से इस शिलान्यास समारोह में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया है।जावेरी ने ट्रस्ट के प्रमुख सदस्यों श्री करनैल सिंह, श्री एस.के. बोथरा, श्री एस.एस. अग्रवाल, श्री सुनील सिंधी, श्री हंसराज रेल्हन, श्री राजेंद्र गर्ग और श्री विनय सिंघल के अनुकरणीय योगदान की सराहना की, जिनके समर्पण ने इस परियोजना को मूर्त रूप प्रदान किया है। ट्रस्ट ने जोर देकर कहा कि वाल्मीकि धाम और समूचा खाटू श्याम दिल्ली धाम परिसर विश्व स्तर पर आकर्षण का केंद्र बनेगा, जो धर्म, सनातन संस्कृति और राष्ट्रवाद के संगम को प्रदर्शित करेगा।इस परिसर में एक शानदार सत्संग भवन, भारत माता मंदिर और अन्य सुविधाएं भी हैं, जो राष्ट्रवाद और आध्यात्मिक जागरण को प्रेरित करने के लिए डिज़ाइन की गई हैं। ट्रस्ट वाल्मीकि धाम और खाटू श्याम दिल्ली धाम की अन्य परियोजनाओं की जानकारी और अपडेट के लिए एक वेबसाइट भी विकसित कर रहा है।ट्रस्ट ने सभी भक्तों से अनुरोध किया है कि वे इस ऐतिहासिक शिलान्यास समारोह में शामिल होकर भारत की सनातन विरासत और एकता में विविधता के उत्सव का हिस्सा बनें।

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