Sunday, February 15, 2026
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दिल्ली में फ़र्ज़ी रैकेट का भंडाफोड़, पुलिस ने किया एजेंट को गिरफ्तार

अंशु ठाकुर, दिल्ली दर्पण टीवी

दिल्ली आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय फर्जी वीजा रैकेट का पर्दाफाश करते हुए पंजाब निवासी एक एजेंट को गिरफ्तार किया है. आरोपी, नरेश कुमार को एक ऐसे मामले में पकड़ा गया है, जिसमें अमेरिका से डिपोर्ट होकर लौटे एक यात्री के पासपोर्ट में छेड़छाड़ की गई थी.

घटना की शुरुआत तब हुई, जब 4-5 अप्रैल की रात अमेरिका से डिपोर्ट होकर लौटे अमृतसर निवासी गुरसाहिब सिंह की दिल्ली एयरपोर्ट पर इमीग्रेशन जांच के दौरान उसके पासपोर्ट में गोंद के निशान और हटाए गए वीजा के संकेत मिले. जांच में खुलासा हुआ कि पासपोर्ट से वीजा हटाकर उसे छुपाने की कोशिश की गई थी.

20 लाख में तय हुआ था अमेरिका का गैरकानूनी टिकट

दिल्ली पुलिस की पूछताछ में गुरसाहिब ने बताया कि वह सिंगापुर में 5-6 साल काम कर चुका है. भारत लौटने के बाद अमेरिका जाने की योजना बनाई और गुरदेव सिंह उर्फ गुर्री नामक एजेंट से संपर्क किया. 20 लाख रुपये में सौदा तय हुआ, जिसमें 17 लाख नकद और 3 लाख बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए.

एजेंट ने उसे यूके, स्पेन, ग्वाटेमाला, मैक्सिको और टिजुआना होते हुए अमेरिका भेजा. टिजुआना में नकली शेंगेन वीज़ा उसके पासपोर्ट पर चिपकाया गया और अमेरिका में घुसपैठ के बाद वही पृष्ठ छिपा दिया गया. हालांकि, कुछ ही दिनों में अमेरिकी अधिकारियों ने गुरसाहिब को गिरफ्तार कर लिया और तीन महीने बाद उसे भारत डिपोर्ट कर दिया गया.

एफआईआर दर्ज होने के बाद इंस्पेक्टर सुशील गोयल की अगुवाई में गठित विशेष टीम ने जांच शुरू की. जांच में सामने आया कि बैंक ट्रांजैक्शन जिस खाते में हुआ था, वह नरेश कुमार के नाम पर था. लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने आरोपी नरेश को उसके पटियाला स्थित ठिकाने से गिरफ्तार कर लिया.

पूछताछ में नरेश ने कबूला कि उसने अपने भाई के साथ मिलकर कई सालों से एजेंट का काम किया है और गुरदेव सिंह के साथ मिलकर यह फर्जीवाड़ा अंजाम दिया. आरोपी ने यह भी माना कि उसके खाते में 3 लाख रुपये गुरसाहिब द्वारा ट्रांसफर किए गए थे.

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