Sunday, February 15, 2026
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नाबालिग की आत्महत्या मामले में 18 वर्षीय छात्र को मिली अग्रिम जमानतदिल्ली दर्पण ब्यूरो

नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को एक 18 वर्षीय छात्र को अग्रिम जमानत दे दी, जिस पर एक नाबालिग को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है। आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 108 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
न्यायमूर्ति अजय डिगपॉल की एकल पीठ ने याचिकाकर्ता राज महतो को जांच में शामिल होने और पुलिस के साथ सहयोग करने की शर्त पर सुरक्षा प्रदान की।
मामला क्या है?
एफआईआर के अनुसार, आरोप है आरोपी ने मृतक, जो एक नाबालिग और उसकी सहपाठी थी, को अश्लील फोटो और वीडियो भेजे थे। यह भी आरोप है कि वह लगातार टेक्स्ट संदेश भेजकर उस पर दबाव बना रहा था। 26 जनवरी, 2025 को लड़की ने अपने घर पर आत्महत्या कर ली। शुरुआती तौर पर कोई संदेह नहीं था, लेकिन बाद में मृतक की मां ने उसका फोन चेक किया, जहां उन्हें कथित तौर पर आपत्तिजनक सामग्री और व्हाट्सएप चैट मिली, जिसके आधार पर 6 फरवरी, 2025 को एफआईआर दर्ज की गई।
कोर्ट का फैसला
याचिकाकर्ता के वकील श्वेता एस कुमार ने अदालत में बताया कि याचिकाकर्ता एक युवा लड़का है, जो 12वीं कक्षा का छात्र है और उसका कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि दोनों एक सहमति से बने रिश्ते में थे और एफआईआर दर्ज करने में देरी हुई है।
राज्य के वकील ने अग्रिम जमानत का विरोध करते हुए कहा कि सच्चाई का पता लगाने और आरोपों को सत्यापित करने के लिए हिरासत में पूछताछ आवश्यक है। उन्होंने यह भी बताया कि याचिकाकर्ता को इस मामले में “फरार घोषित अपराधी” (Proclaimed Offender) घोषित किया गया है।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि अभी तक ऐसा कोई सबूत नहीं है कि याचिकाकर्ता ने कोई भी आपत्तिजनक सामग्री सार्वजनिक रूप से साझा की है। कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने में हुई देरी पर भी सवाल उठाया।
न्यायमूर्ति डिगपॉल ने कहा कि याचिकाकर्ता की उम्र और पृष्ठभूमि को देखते हुए, किसी भी प्रतिकूल आदेश का उसके शैक्षणिक और व्यक्तिगत जीवन पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि “फरार घोषित अपराधी” होने के बावजूद अग्रिम जमानत पर विचार किया जा सकता है, जैसा कि सुप्रीम कोर्ट ने आशा दुबे बनाम मध्य प्रदेश राज्य मामले में कहा है।
अदालत ने याचिकाकर्ता को अगले आदेश तक गिरफ्तारी से सुरक्षा प्रदान करते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 13 नवंबर, 2025 की तारीख तय की है .

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