दिल्ली में हुई इस घटना ने हर उस माता-पिता के दिल में डर बैठा दिया है जिनके बच्चे शाम को गली में खेलते हैं।
6 साल का बच्चा अपने घर के नीचे खेल रहा था। वही मासूम, जो हर दिन की तरह अपनी गेंद और हंसी लेकर बाहर आया था। लेकिन कुछ ही मिनटों में उसकी दुनिया बदल गई।
एक पिटबुल अचानक उस पर झपटा और बच्चे का बायां कान बुरी तरह फाड़ दिया।
बच्चा चीखता रहा, लेकिन कुत्ता तब तक नहीं रुका जब तक आसपास के लोग भागकर आए।
आज भी अस्पताल में उसे देखकर लगता है जैसे वह पूछ रहा हो—
“मैंने क्या किया था?”
परिवार की हालत देखकर दिल पिघल जाता है
बच्चा के पिता दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। दिन भर मेहनत करके जो कुछ कमाते हैं, उसी से घर चलता है।
हमले के बाद जब उन्होंने अपने बेटे को खून से लथपथ देखा, तो वो बस उसे गोद में उठाकर अस्पताल की ओर भागे।
डॉक्टरों ने बताया कि कान को ठीक करने में लंबा समय लगेगा, कई बार ऑपरेशन भी करने पड़ सकते हैं।
पिता ने एक लाइन कही, जिसने कोर्ट का दिल भी पिघला दिया—
“मैं गरीब हूँ साहब… लेकिन मेरा बच्चा किसी अमीर बच्चे से कम नहीं। बस उसे बचा लीजिए।”
कुत्ता बिना रजिस्ट्रेशन के रखा गया था
MCD ने कोर्ट में बताया कि पिटबुल को 24 नवंबर को मालिक की मंजूरी से पकड़ लिया गया।
लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कुत्ते का कोई रजिस्ट्रेशन ही नहीं था।
कानून की पूरी तरह अनदेखी, और इसकी कीमत एक मासूम ने चुकाई।
कोर्ट का गुस्सा — “जब तक पूरी सुरक्षा न हो, कुत्ता नहीं छोड़ा जाएगा”
जस्टिस सचिन दत्ता ने साफ कहा कि यह सिर्फ एक घटना नहीं है, बल्कि एक चेतावनी है।
कोर्ट ने यह भी कहा कि मुआवजा देने की जिम्मेदारी सबसे पहले कुत्ते के मालिक की बनती है, क्योंकि लापरवाही उसकी है—सरकार की नहीं।
सबसे चौंकाने वाली बात — यह पहला हमला नहीं था
याचिका में बताया गया कि यही पिटबुल पहले भी कई लोगों को काट चुका है।
कई शिकायतें पुलिस को दी गईं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कोर्ट ने इस पर सख्त टिप्पणी की—
“अगर पहले ही कदम उठाए जाते, तो आज एक बच्चा अस्पताल में नहीं होता।”
गरीब पिता की पीड़ा—“इलाज कैसे करवाऊं?”
बच्चा के पिता महीने के 10–12 हजार रुपये कमाते हैं।
उनके वकील ने कोर्ट को बताया कि यह परिवार दवाई और ऑपरेशन के खर्च का बोझ नहीं उठा सकता।
इसलिए उन्होंने सरकार से 25 लाख रुपये की मदद की मांग की है।
उनकी एक ही गुहार—
“बस मेरे बेटे को ठीक कर दो… बाकी सब बाद में।”
अब नज़र कोर्ट और सरकार पर
हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को मार्च 2026 तक एक विस्तृत रिपोर्ट देने का आदेश दिया है।
कुत्ते के मालिक, पुलिस अधिकारियों और अस्पताल को भी नोटिस भेजा गया है।
यह भी पढ़ें: https://delhidarpantv.com/mba-pass-youth-from-the-city-of-police-and-7-mobile-arrested-with-the-circle/

