दिसंबर का मध्य नज़दीक है, लेकिन राजधानी दिल्ली में अभी तक न शीतलहर का असर दिख रहा है और न ही वह कड़ाके की ठंड जिससे लोग हर साल इस मौसम में जूझते हैं। सवाल उठ रहा है—आखिर दिल्ली की सर्दी को हुआ क्या है? मौसम विभाग (IMD) ने अब इसकी वजह साफ कर दी है।
नवंबर में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के बाद दिसंबर भी गर्म
इस साल नवंबर के वैश्विक तापमान ने अलग ही कहानी लिखी। यह महीना अब तक दर्ज किए गए सबसे गर्म नवंबरों में शामिल रहा—नवंबर 2023 से 0.20°C और नवंबर 2024 से 0.08°C कम होने के बावजूद, तापमान सामान्य से अधिक ही रहा। इसका असर सीधे तौर पर दिसंबर की ठंड पर भी दिखाई दे रहा है।
दिसंबर का एक तिहाई हिस्सा बीत चुका है, लेकिन दिल्ली-एनसीआर अभी तक ठिठुरन वाली सर्दी का इंतजार कर रहा है।
दिल्ली में तापमान सामान्य से ज्यादा
IMD द्वारा गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, लोधी रोड पर बुधवार से गुरुवार सुबह तक अधिकतम तापमान 25.4°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.4°C ज्यादा है। वहीं न्यूनतम तापमान 8.6°C रहा, जो सामान्य से 0.6°C अधिक है।
दिल्ली के विपरीत, पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में पिछले छह दिनों से शीतलहर का प्रकोप जारी है। लेकिन दिल्लीवासियों के लिए अभी वास्तविक सर्दी का इंतजार लंबा है।
IMD ने बताई दिल्ली में ठंड कम होने की मुख्य वजह
मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नरेश कुमार के अनुसार, उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड आने का मुख्य कारण सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) होता है, जो ठंडी उत्तर-पश्चिमी हवाएं लेकर आता है।
उन्होंने कहा:
इस मौसम में अब तक कोई सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ नहीं आया है। इसी कारण दिल्ली-एनसीआर में शीतलहर दर्ज नहीं की गई।
हालांकि, 13 दिसंबर को एक पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है, लेकिन IMD का कहना है कि यह कमजोर रहेगा और केवल जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में हल्की बारिश ला सकता है।
IMD का अनुमान है कि अगले सप्ताह दिल्ली का न्यूनतम तापमान 2-4°C तक बढ़ सकता है, यानी मौसम और भी सुहावना रहेगा। रात का तापमान 9–10°C तक रहने की संभावना है।
कई राज्यों में जारी है भीषण शीतलहर
जहाँ दिल्ली गर्म-सर्द के बीच अटकी है, वहीं कई राज्यों में ठंड अपने चरम पर है। IMD की रिपोर्ट के अनुसार:
- जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फरबाद में कई स्थानों पर तापमान 5°C से नीचे रहा।
- पश्चिमी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के कुछ हिस्सों में शीतलहर से लेकर भीषण शीतलहर तक की स्थिति बनी रही।
- पंजाब, विदर्भ, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में भी शीतलहर का असर दर्ज किया गया।
निष्कर्ष
दिल्ली की सर्दी इस बार देरी से आएगी—और इसकी मुख्य वजह है कमज़ोर पश्चिमी विक्षोभ और सामान्य से अधिक तापमान का रुझान। फिलहाल राजधानी में कड़ाके की ठंड का इंतजार जारी है।
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