Wednesday, February 11, 2026
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IPS अधिकारी शंकर चौधरी के खिलाफ दिल्ली पुलिस विजिलेंस ने दर्ज की FIR; अवैध छापेमारी और वसूली के गंभीर आरोप

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के विजिलेंस विभाग ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारी शंकर चौधरी के खिलाफ पद के दुरुपयोग, अवैध हिरासत और भ्रष्टाचार की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। विजिलेंस पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR संख्या 0002/2026 के अनुसार, उन पर आईपीसी की धारा 166 (लोक सेवक द्वारा कानून की अवज्ञा), 341/342 (गलत तरीके से रोकना और बंधक बनाना) और 409 (लोक सेवक द्वारा अमानत में ख्यानत) के तहत आरोप लगाए गए हैं।


क्या है पूरा मामला?
यह मामला नवंबर 2023 का है, जब मिजोरम पुलिस और दिल्ली पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स सेल (ANC) ने द्वारका इलाके में एक कथित ड्रग्स रैकेट के खिलाफ संयुक्त छापेमारी की थी। जांच में सामने आया कि तत्कालीन DCP शंकर चौधरी ने बिना किसी आधिकारिक आदेश या क्षेत्राधिकार के, इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व किया था।


अवैध हिरासत और वसूली के आरोप
FIR के मुताबिक, एक नाइजीरियाई महिला ने शिकायत की थी कि उसके भाई ‘हैरिसन’ को पुलिस ने अवैध रूप से हिरासत में लिया है और उसे छोड़ने के बदले भारी रकम की मांग की जा रही है। जांच अधिकारी (IO) ने पाया कि हैरिसन को 21 नवंबर से 29 नवंबर 2023 तक मिजोरम हाउस और अन्य स्थानों पर बिना किसी कानूनी आधार के कैद करके रखा गया था।


CCTV फुटेज से खुले राज
विजिलेंस विभाग की जांच में सीसीटीवी फुटेज एक अहम सबूत बना है। फुटेज में शंकर चौधरी को अन्य पुलिस कर्मियों के साथ हैरिसन के घर में घुसते और वहां से एक डिजिटल लॉकर और दो संदिग्ध बैग लेकर निकलते हुए देखा गया है। विभागीय जांच में यह भी पाया गया कि छापेमारी के दौरान न तो कोई स्थानीय पुलिस को सूचित किया गया और न ही बरामदगी की कोई आधिकारिक एंट्री की गई।


विभागीय कार्रवाई और जांच
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त पुलिस आयुक्त (Southern Range) एस.के. जैन की शिकायत पर यह FIR दर्ज की गई है। रिपोर्ट में दिल्ली पुलिस के ही 13 गवाहों के बयान दर्ज हैं, जिन्होंने इस छापेमारी में शंकर चौधरी की सक्रिय भूमिका की पुष्टि की है। वर्तमान में इस मामले की आगे की जांच एसीपी विनय कुमार मलिक को सौंपी गई है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले ने दिल्ली पुलिस के भीतर हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि इसमें एक वरिष्ठ अधिकारी पर सीधे तौर पर कानून तोड़ने और आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगे हैं।

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