Delhi News: गैंग का डर दिखाकर 10 करोड़ की प्रॉपर्टी हड़पने की साजिश नाकाम, विकास उर्फ विक्की गिरफ्तार
दिल्ली में गैंग के नाम पर लोगों को डराकर संपत्ति हड़पने की साजिश का बड़ा खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो खुद को कुख्यात हिमांशु भाऊ गैंग का सदस्य बताकर करोड़ों की संपत्ति अपने नाम कराने का दबाव बना रहा था। जांच में सामने आया कि आरोपी अकेले ही इस पूरी साजिश को अंजाम दे रहा था।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान विकास उर्फ विक्की के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, वह पीड़ित को करीब 10 करोड़ रुपये कीमत की रोहिणी सेक्टर-23 स्थित संपत्ति अपने नाम ट्रांसफर करने के लिए लगातार धमकियां दे रहा था। पुलिस ने योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए 4 फरवरी 2026 को उसे नरेला इलाके से गिरफ्तार किया। उसके पास से अपराध में इस्तेमाल किया गया एक आई-फोन भी बरामद किया गया है।
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
मामले की शुरुआत 26 नवंबर 2025 को हुई, जब अशोक विहार निवासी रजत गुप्ता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति अंतरराष्ट्रीय व्हाट्सएप कॉल के जरिए खुद को हिमांशु भाऊ गैंग का सदस्य बताकर उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहा है। आरोपी रोहिणी सेक्टर-23 स्थित उनकी संपत्ति अपने नाम ट्रांसफर कराने का दबाव बना रहा था।
शिकायतकर्ता ने धमकी से जुड़ी ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी पुलिस को सौंपे। इसके आधार पर अशोक विहार थाने में जबरन वसूली और आपराधिक धमकी की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच में हुआ अहम खुलासा
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इसी संपत्ति को लेकर पहले से बेगमपुर थाने में भी एक मामला दर्ज है। इससे यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी संपत्ति विवाद का फायदा उठाकर गैंग के नाम पर धमकी दे रहा था। टेक्निकल सर्विलांस और फील्ड इंटेलिजेंस के जरिए पुलिस ने विकास की पहचान की और उसे धर दबोचा।
गैंग का नाम लेकर रची साजिश
पूछताछ में विकास ने कबूल किया कि वह प्रॉपर्टी के काम से जुड़ा हुआ है। कानूनी तरीके से प्लॉट हासिल न कर पाने पर उसने गैंग का नाम लेकर दबाव बनाने की योजना बनाई। उसने अपने साथी नितिन डबास समेत कुछ लोगों को गैंग का सदस्य बनकर कॉल करने के लिए कहा था, ताकि पीड़ित पर डर का असर पड़े।
पुलिस अब आरोपी के अन्य साथियों की तलाश में जुटी है और मामले की जांच जारी है। शुरुआती जांच में साफ हो गया है कि आरोपी ने गैंग का नाम केवल डर पैदा करने के लिए इस्तेमाल किया था, जबकि उसका किसी संगठित गैंग से सीधा संबंध नहीं मिला है।
इस गिरफ्तारी के साथ दिल्ली पुलिस ने एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है, जिससे करोड़ों रुपये की संपत्ति पर अवैध कब्जे की कोशिश विफल हो गई।
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