दिल्ली के पीरागढ़ी ट्रिपल मर्डर केस में जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। मुख्य आरोपी तांत्रिक कमरुद्दीन के पास से ऐसे पन्ने बरामद हुए हैं, जिनमें कथित तौर पर तंत्र-मंत्र से जुड़े दावे और लोगों को झांसे में लेने के तरीके लिखे मिले हैं। पुलिस को एक महिला के मोबाइल फोन से नाबालिग लड़कियों की तस्वीरें भी मिली हैं, जिससे मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है।
तंत्र-मंत्र के नाम पर ठगी का जाल
जांच एजेंसियों के मुताबिक, पीड़ित लक्ष्मी के फोन में कई लड़कियों और महिलाओं की तस्वीरें मिलीं, जिनमें वे खुले बालों में खड़ी थीं और हाथ में निजी विवरण वाले कागज़ पकड़े हुए थीं। ये तस्वीरें अलग-अलग ग्रुप्स में साझा की गई थीं। तस्वीरों में कुछ लड़कियों के हाथ में तंत्र-मंत्र लिखे बोर्ड भी नजर आए।
पुलिस का कहना है कि कमरुद्दीन इन तस्वीरों और तथाकथित “धनवर्षा” जैसे दावों के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाता था। वह अपने क्लाइंट्स से करीब ₹2 लाख तक की रकम लेने का वादा करता था और दावा करता था कि इससे उन्हें बड़ा लाभ होगा। यदि किसी को कथित लाभ नहीं मिलता या शक होता, तो वह बहाने बनाता—कभी किसी महिला को जानवर के काटने का कारण बताता तो कभी सर्जरी का हवाला देता।
इतना ही नहीं, पुलिस के अनुसार वह बिना टांके के सर्जरी करने जैसे झूठे दावे भी करता था और हर विजिट के लिए लगभग ₹7,000 तक वसूलता था।

सीसीटीवी फुटेज और अहम सुराग
कमरुद्दीन के घर के पास लोनी इलाके से सीसीटीवी फुटेज भी बरामद हुई है। फुटेज में रणधीर, शिव नरेश और लक्ष्मी को एक गाड़ी से उतरते हुए देखा गया है। यह फुटेज जांच में अहम कड़ी साबित हो रही है।
नाबालिग लड़कियों की तस्वीरें मिलने के बाद पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह मामला सिर्फ अंधविश्वास तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें संगठित तरीके से लोगों को फंसाने और शोषण की आशंका भी है।
कार में मिली थीं तीनों की लाशें
गौरतलब है कि 8 फरवरी को पीरागढ़ी फ्लाईओवर पर एक कार के अंदर रणधीर सिंह, शिव नरेश सिंह और लक्ष्मी देवी के शव मिले थे। मामले में कमरुद्दीन को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया और उसे पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने कथित तौर पर एक सॉफ्ट ड्रिंक में नींद की गोलियों का घातक मिश्रण मिलाकर अपने तीन फॉलोअर्स को पिलाया था। इसी के बाद उनकी मौत हुई।
फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस गिरोह में और लोग भी शामिल थे। मामले ने एक बार फिर अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर चल रहे अवैध धंधों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

