Saturday, February 14, 2026
spot_img
HomeDELHI POLICEदिल्ली में नकली पैरासिटामोल और जिंक का बड़ा भंडाफोड़: फर्जी दवा फैक्ट्री...

दिल्ली में नकली पैरासिटामोल और जिंक का बड़ा भंडाफोड़: फर्जी दवा फैक्ट्री पर छापा, करोड़ों की दवाएं जब्त

दिल्ली पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और क्राइम ब्रांच ने नकली दवाओं के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए बिहार के गया में संचालित एक फर्जी दवा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में भारी मात्रा में नकली जिंक, एजीथ्रोमाइसिन टैबलेट, पैरासिटामोल पाउडर और इंजेक्शन बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह ट्रामाडोल आधारित नकली दवाएं बनाकर बाजार में सप्लाई कर रहा था और लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर मोटा मुनाफा कमा रहा था।

मास्टरमाइंड गया से गिरफ्तार

पुलिस ने इस नेटवर्क के मास्टर कोऑर्डिनेटर अरुण (59) को बिहार के गया से गिरफ्तार किया है। अब तक इस मामले में कुल 9 आरोपी पकड़े जा चुके हैं। पिछले सप्ताह गिरफ्तार आरोपी तनिष्क से पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि वह अरुण के साथ मिलकर नकली दवाओं का कारोबार चला रहा था। इसके बाद पुलिस टीम ने गया में छापा मारकर फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया।

जांच में सामने आया कि फैक्ट्री बिना किसी वैध लाइसेंस के संचालित हो रही थी। वहां न तो कोई मैन्युफैक्चरिंग केमिस्ट मौजूद था और न ही एनालिटिकल केमिस्ट। ड्रग विभाग की टीम को मौके पर बुलाया गया, जहां बड़े पैमाने पर मशीनें और नकली दवाएं बरामद की गईं।

भारी मात्रा में बरामदगी

छापेमारी के दौरान पुलिस ने बरामद किया:

  • 1,19,800 नकली जिंक की गोलियां
  • 42,480 नकली एजीथ्रोमाइसिन टैबलेट
  • 27 किलो पैरासिटामोल पाउडर
  • 444 नकली इंजेक्शन (डिलोना एक्वा)

इसके अलावा, 5 किलो से ज्यादा ट्रामाडोल पाउडर भी बरामद किया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 5 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।

पूरा सेटअप कर चला रहे थे अवैध कारोबार

पुलिस के मुताबिक, अरुण अवैध रूप से मंगाए गए ट्रामाडोल पाउडर को प्रोसेस कर गोलियों का निर्माण करता था। इन गोलियों को अवैध मेडिकल दुकानों और फर्जी सप्लायर्स के जरिए अलग-अलग राज्यों में ऊंचे दामों पर बेचा जाता था। कुछ स्थानों पर इनका इस्तेमाल हेरोइन के विकल्प के रूप में भी किया जा रहा था।

गिरोह कच्चा माल अवैध तरीके से मंगवाता, फैक्ट्री में प्रोसेस करता और फिर फर्जी मेडिकल फ्रंट के जरिए बाजार में सप्लाई करता था। इस पूरे नेटवर्क का संचालन संगठित तरीके से किया जा रहा था।

जीरो टॉलरेंस की चेतावनी

इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने कई राज्यों में छापेमारी की और तकनीकी व मानव खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई की। अब तक दो फर्जी फैक्ट्रियां बंद कराई जा चुकी हैं। डीसीपी संजीव कुमार यादव ने कहा है कि जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।

यह कार्रवाई एक बार फिर दर्शाती है कि नकली दवाओं का कारोबार किस तरह लोगों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहा है, और ऐसे गिरोहों पर शिकंजा कसना बेहद जरूरी है।

यह भी पढ़ें:- https://delhidarpantv.com/the-picture-of-a-small-girl-and-a-writing-on-the-sleeve-of-the-skin-was-hurriedly-arrived-at-the-time-of-the-time-of-the-time-of-the-time-of-the-time-of-the-time/

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments