दिल्ली में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ पुलिस ने बड़ा ऑपरेशन चलाया है। आउटर नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट के बवाना थाना क्षेत्र में बवाना मुल्क नहर के पास पुलिस और गैंग के तीन शूटरों के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान दोनों ओर से चार राउंड गोलियां चलीं। मुठभेड़ में एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
तीन दिन पहले कारोबारी की हत्या
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए बदमाशों ने तीन दिन पहले बवाना इलाके में एक कारोबारी की दौड़ाकर गोली मारकर हत्या की थी। इस हत्याकांड की जिम्मेदारी सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर गैंग से जुड़े रणदीप मलिक और अनिल पंडित ने ली थी। इसके बाद से पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी।
पूछताछ में कई खुलासों की उम्मीद
मुठभेड़ के बाद पकड़े गए तीनों शूटर्स से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कारोबारी की हत्या के पीछे क्या वजह थी और सुपारी किसने दी थी। साथ ही दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय गैंग के अन्य सदस्यों, उनके नेटवर्क और संभावित टार्गेट्स की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, गैंग का नेटवर्क विदेश से संचालित मॉड्यूल से भी जुड़ा हो सकता है। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
पिछले महीने उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी इलाके में भी पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गैंग के दो शार्पशूटरों को गिरफ्तार किया था। वे बाहरी और पूर्वी दिल्ली में दर्ज फायरिंग और जबरन वसूली के मामलों में वांछित थे। उस कार्रवाई में दो स्वचालित पिस्तौल, जिंदा कारतूस, एक चोरी की स्कूटी और मोबाइल फोन बरामद किए गए थे।
पूछताछ में आरोपियों ने पश्चिम विहार पूर्व और मधु विहार इलाकों में रंगदारी के लिए हुई फायरिंग की घटनाओं में अपनी संलिप्तता कबूल की थी।
लगातार जारी है अभियान
दिल्ली पुलिस का कहना है कि राजधानी में संगठित अपराध और रंगदारी के मामलों पर सख्त नजर रखी जा रही है। गैंग से जुड़े अन्य फरार बदमाशों की तलाश जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
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