नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान “जेफ्री ने बना दी जोड़ी” का पोस्टर जारी करते हुए केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखे प्रहार किए हैं। खेड़ा ने दावा किया कि भारत की विदेश और रक्षा नीति अब राष्ट्रीय हितों के बजाय यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन और इजरायली लॉबी के इशारों पर चल रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री को एक “रोबोट” और “कठपुतली” करार देते हुए आरोप लगाया कि सरकार की पूरी कार्यप्रणाली विदेशी ताकतों के हाथों में गिरवी है, जिसका खुलासा एपस्टीन की फाइलों से हो रहा है।
खेड़ा ने 2017 की ई-मेल्स का हवाला देते हुए एक ‘क्रोनोलॉजी’ पेश की, जिसमें उन्होंने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, उद्योगपति अनिल अंबानी और इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री एहुद बराक के बीच एक संदिग्ध त्रिकोण होने का दावा किया। कांग्रेस प्रवक्ता के अनुसार, हरदीप पुरी ने न्यूयॉर्क में एपस्टीन से मुलाकात की थी, जिसके बाद एपस्टीन ने अनिल अंबानी का परिचय इजरायली एजेंसी मोसाद के करीबी माने जाने वाले एहुद बराक से कराया। आरोप है कि अनिल अंबानी ने भारत के रक्षा सहयोग और व्हाइट हाउस के साथ संबंधों को लेकर एपस्टीन से ‘मार्गदर्शन’ मांगा था, जिसके बाद ही पेगासस और मिसाइल सिस्टम जैसे बड़े रक्षा सौदे भारत आए।
पवन खेड़ा ने आगे कहा कि एपस्टीन की फाइलों में दबे राज इतने संवेदनशील हैं कि प्रधानमंत्री और उनकी कैबिनेट विदेशी दबाव में काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी ‘ब्लैकमेलिंग’ की वजह से भारत ने अपनी दशकों पुरानी स्वतंत्र विदेश नीति को बदलकर फिलिस्तीन के मुद्दे पर चुप्पी साध ली है। खेड़ा ने सवाल उठाया कि क्या देश की रक्षा नीति और जनता के टैक्स का पैसा कहाँ खर्च होगा, यह विशेषज्ञों के बजाय एपस्टीन जैसे लोग तय कर रहे हैं? कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार इन ईमेल और फाइलों में लगे आरोपों पर अपनी चुप्पी तोड़े और स्थिति स्पष्ट करे।
यह भी पढ़ें:- https://delhidarpantv.com/singrauli-kisan-andolan-adani-land-acquisition/

