नई दिल्ली। दिल्ली की राजनीति एक बार फिर गर्म है। शराब नीति मामले में Arvind Kejriwal के बरी होने के बाद Devender Yadav ने खुलकर निशाना साधा है। शनिवार को जारी बयान में उन्होंने कहा कि यह फैसला सिर्फ एक कानूनी घटना नहीं, बल्कि देश की राजनीति में चल रहे “दोहरे मापदंड” का उदाहरण है।
यादव ने तंज कसते हुए कहा कि गंभीर आरोपों के बावजूद केजरीवाल खुद को “BJP की वॉशिंग मशीन” में धुलकर पाक-साफ दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। उनका इशारा इस ओर था कि सत्ता के समीकरण बदलते ही नेताओं पर लगे आरोप हल्के पड़ जाते हैं।
2022 की शिकायत फिर चर्चा में
देवेंद्र यादव ने याद दिलाया कि 3 जून 2022 को Indian National Congress की दिल्ली इकाई ने शराब नीति को लेकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। उस समय उठाए गए सवालों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आज भी उन मुद्दों पर साफ जवाब नहीं मिला है।
जांच एजेंसियों पर सवाल
यादव ने यह भी कहा कि अगर जांच पूरी तरह निष्पक्ष होती, तो सभी संबंधित लोग कानून के दायरे में आते। उन्होंने आरोप लगाया कि Central Bureau of Investigation (CBI) और Enforcement Directorate (ED) की सक्रियता अक्सर चुनावी माहौल से जुड़ी दिखाई देती है। “जहां चुनाव, वहां एजेंसियां” – यही धारणा बनती जा रही है, उन्होंने कहा।
कोर्ट की कार्यवाही और आगे की राह
Rouse Avenue Court में हुई कार्यवाही का जिक्र करते हुए यादव ने कहा कि सीबीआई ठोस सबूत पेश नहीं कर पाई। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि मामला अभी खत्म नहीं हुआ है और ऊपरी अदालतों में कानूनी प्रक्रिया जारी रह सकती है। ट्रायल कोर्ट द्वारा केजरीवाल और Manish Sisodia पर आरोप खारिज किए जाने के बाद भी राजनीतिक बहस थमी नहीं है।
शराब नीति पर पुराने सवाल
कांग्रेस ने फिर पूछा कि यदि सब कुछ पारदर्शी था तो नीति वापस क्यों ली गई? कमीशन 6% से 12% क्यों बढ़ाया गया? कुछ मोबाइल फोन और सिम कार्ड नष्ट किए जाने की खबरें क्यों आईं? यादव का कहना है कि ये सवाल राजनीति से नहीं, जवाबदेही से जुड़े हैं।
“जनता की अदालत सबसे बड़ी”
अपने बयान के अंत में देवेंद्र यादव ने कहा कि कांग्रेस पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग पर कायम रहेगी। “कानूनी लड़ाई अपनी जगह है, लेकिन सबसे बड़ी अदालत जनता की है,” उन्होंने कहा।
दिल्ली की सियासत में यह बयान एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप के दौर को तेज कर गया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमाने के संकेत दे रहा है।
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