Delhi Dwarka Murder: सोने के लालच में दोस्तों ने की अनरूप गुप्ता की हत्या, वृंदावन में यमुना में फेंके शव के टुकड़े
नई दिल्ली: दिल्ली के द्वारका इलाके में हुई सनसनीखेज हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए दिल्ली पुलिस की द्वारका एंटी-नारकोटिक्स सेल ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। 18 फरवरी 2026 से लापता चल रहे अनरूप गुप्ता की हत्या उनके ही दोस्तों ने लाखों रुपये के सोने के गहनों और पैसों के लालच में की थी। आरोपियों ने वारदात के बाद शव के टुकड़े कर उन्हें वृंदावन के पास यमुना नदी में फेंक दिया।
गोवा जाने का मैसेज भेजकर किया गुमराह
द्वारका सेक्टर-14 निवासी अनरूप गुप्ता छत्तीसगढ़ सदन में कैंटीन चलाते थे और सोने के गहने पहनने के शौकीन थे। जब कई दिनों तक उनका कोई सुराग नहीं मिला और उनकी कार भी गायब पाई गई, तो परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपियों ने अनरूप के मोबाइल से उनके परिवार और स्टाफ को मैसेज भेजा कि वे “गोवा घूमने जा रहे हैं”, ताकि किसी को शक न हो।
सीसीटीवी से खुला राज
डीसीपी अंकित सिंह के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सर्विलांस के जरिए जांच आगे बढ़ाई। फुटेज में अनरूप की कार यमुना एक्सप्रेस-वे पर वृंदावन की ओर जाती दिखी, लेकिन कार चलाने वाला व्यक्ति अनरूप नहीं था।
तफ्तीश में एक रैपिडो बाइक चालक का पता चला, जिसने अनरूप को आखिरी बार मटियाला एक्सटेंशन स्थित एक घर पर छोड़ा था। सीसीटीवी में अनरूप उस घर में जाते तो दिखे, लेकिन बाहर निकलते नहीं दिखे। बाद में उनकी कार को घर के बेसमेंट में ले जाया गया।
दोस्त निकला हत्यारा
शक के आधार पर पुलिस ने ‘हैप्पी’ उर्फ सूरज को हिरासत में लिया, जो अनरूप का करीबी बन चुका था। पूछताछ में उसने कबूल किया कि उसने भूपेंद्र, बलराम, नीरज और राखी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
पार्टी के बहाने अनरूप को किराए के कमरे पर बुलाया गया, जहां उन्हें बंधक बनाकर मारपीट की गई। जब उन्होंने पैसे देने से इनकार किया, तो आरोपियों ने चाकू से हमला कर उनकी हत्या कर दी।
शव के टुकड़े कर यमुना में फेंके
हत्या के बाद आरोपियों ने बड़े चापड़ से शव के कई टुकड़े किए और तीन प्लास्टिक बैग में भरकर अनरूप की ही कार से वृंदावन के पास यमुना नदी में फेंक दिया।
दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश पुलिस के सहयोग से नदी से शव के टुकड़े बरामद कर लिए हैं। मुख्य आरोपी हैप्पी समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि फरार आरोपी नीरज की तलाश जारी है।
यह मामला दोस्ती के नाम पर विश्वासघात और लालच की खौफनाक कहानी बनकर सामने आया है, जिसे पुलिस ने वैज्ञानिक जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सुलझाया।
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