नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली को ज़हरीली हवा और स्मॉग से मुक्ति दिलाने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अब तक का सबसे सख्त कदम उठाया है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री जनसेवा सदन में हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद “एयर पॉल्यूशन मिटिगेशन एक्शन प्लान-2026” लॉन्च किया गया। सरकार ने साफ कर दिया है कि इस बार योजना सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि ज़मीन पर सख्ती से लागू होगी। इस प्लान का सबसे बड़ा असर वाहन मालिकों और पड़ोसी राज्यों से आने वाले ट्रकों पर पड़ेगा।
‘नो पीयूसी-नो फ्यूल’: बिना सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल
सरकार ने वाहनों से होने वाले धुएं को रोकने के लिए “नो पीयूसी-नो फ्यूल” नियम को अनिवार्य कर दिया है। अब दिल्ली के किसी भी पेट्रोल पंप पर ईंधन भरवाने के लिए वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) दिखाना होगा। इसे लागू करने के लिए पंपों पर स्मार्ट कैमरे और ऑनलाइन चेकिंग सिस्टम लगाए जाएंगे।
1 नवंबर से भारी वाहनों पर पाबंदी
दिल्ली की सीमाओं पर प्रदूषण रोकने के लिए सरकार ने समय सीमा तय कर दी है। 1 नवंबर 2026 से दिल्ली में केवल वही भारी वाहन (ट्रक और मालवाहक) प्रवेश कर सकेंगे जो:
- BS-6 मानक के होंगे।
- CNG से संचालित होंगे।
- या इलेक्ट्रिक (EV) वाहन होंगे। पुराने और धुआं छोड़ने वाले वाहनों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
62 हॉटस्पॉट चिन्हित, धूल और जाम पर वार
प्रदूषण की मुख्य वजह माने जाने वाले 62 बड़े जाम वाले इलाकों की पहचान की गई है। यहाँ ट्रैफिक सिग्नल और पार्किंग व्यवस्था में बदलाव कर स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम लगाया जाएगा। इसके अलावा:
- सड़क की धूल: 3,500 किलोमीटर सड़क का नवीनीकरण होगा और एंटी-स्मॉग गन व मिस्ट स्प्रे मशीनों से धूल को दबाया जाएगा।
- इलेक्ट्रिक बसें: सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए बसों की संख्या बढ़ाकर 13,760 की जाएगी और 32,000 नए ईवी चार्जिंग पॉइंट लगाए जाएंगे।
कचरे के पहाड़ों का ‘डेथ वारंट’ जारी
मुख्यमंत्री ने दिल्ली के लैंडफिल साइट्स (कूड़े के पहाड़) को खत्म करने की समय सीमा भी तय कर दी है:
- ओखला लैंडफिल: जुलाई 2026 तक खत्म होगा।
- भलस्वा लैंडफिल: दिसंबर 2026 तक सफाई।
- गाजीपुर लैंडफिल: दिसंबर 2027 तक पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य। बायोमास और कचरा जलाने पर पूरी तरह रोक रहेगी और नियम तोड़ने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
70 लाख पौधे और ‘वायु रक्षक’ टीम
पर्यावरण को बचाने के लिए अगले एक साल में दिल्ली में 70 लाख पेड़, पौधे और बांस लगाने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, हर वार्ड में एक “वायु रक्षक” टीम तैनात की जाएगी। नागरिक प्रदूषण से जुड़ी कोई भी शिकायत 311 ऐप या हेल्पलाइन पर दर्ज करा सकेंगे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विश्वास जताया कि यदि इस एक्शन प्लान को जनता के सहयोग से ठीक से लागू किया गया, तो आने वाले वर्षों में दिल्ली दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानियों की सूची से बाहर निकल सकेगी।

