नेपाल के जनकपुर (माता सीता की जन्मस्थली) से भारत की अयोध्या (भगवान राम की नगरी) तक सीधी ट्रेन सेवा शुरू करने की तैयारी चल रही है। यह प्रस्तावित रेल संपर्क भारत और नेपाल के बीच धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।
आस्था से जुड़ने वाला नया रेल रूट
प्रस्तावित रूट के अनुसार यह ट्रेन नेपाल के जनकपुर से शुरू होकर भारत में जयनगर, दरभंगा और सीतामढ़ी होते हुए अयोध्या तक पहुंचेगी। इस मार्ग के जरिए यूपी, बिहार और नेपाल के बीच एक मजबूत धार्मिक और सांस्कृतिक कनेक्टिविटी स्थापित होने की उम्मीद है।
रामायण और जानकी सर्किट का मिलन
इस परियोजना का सबसे बड़ा उद्देश्य रामायण सर्किट और जानकी सर्किट को जोड़ना है। विशेषज्ञों के अनुसार, इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और श्रद्धालुओं के लिए यात्रा अधिक सुगम और सुविधाजनक हो जाएगी।
करीब 500 किलोमीटर की यह यात्रा भक्तों को मिथिला से अवध तक एक सीधा और सहज मार्ग प्रदान करेगी, जिससे धार्मिक स्थलों की यात्रा पहले से आसान हो जाएगी।
सोशल मीडिया पर वायरल शेड्यूल
हालांकि अभी इस ट्रेन को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सोशल मीडिया पर इसका संभावित टाइमटेबल तेजी से वायरल हो रहा है।
वायरल जानकारी के मुताबिक, यह ट्रेन शनिवार दोपहर जनकपुर से रवाना होकर रविवार सुबह अयोध्या कैंट पहुंचेगी। वापसी में यह सोमवार शाम अयोध्या से चलकर मंगलवार सुबह जनकपुर लौट सकती है।
अभी आधिकारिक पुष्टि बाकी
रेलवे या सरकार की ओर से अभी इस ट्रेन सेवा की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल यह प्रस्ताव और चर्चा के स्तर पर ही बताया जा रहा है।
👉 अगर यह योजना लागू होती है, तो यह भारत-नेपाल के सांस्कृतिक और धार्मिक रिश्तों को ऐतिहासिक मजबूती दे सकती है।
