Monday, April 13, 2026
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मिडिल ईस्ट वॉर: पीएम मोदी ने मांगी ‘कोरोना जैसी एकजुटता’, तो केजरीवाल बोले— सरकार की नाकामी का हर्जाना जनता क्यों भरे?

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी संघर्ष और उसके भारत पर पड़ते आर्थिक प्रभावों को लेकर देश की सियासत गरमा गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकसभा में दिए गए बयान पर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और ‘आप’ संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कड़ा ऐतराज जताया है। केजरीवाल ने सीधे तौर पर केंद्र सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि आखिर सरकार की नाकामियों की कीमत हर बार आम आदमी को ही क्यों चुकानी पड़ती है?

प्रधानमंत्री मोदी का लोकसभा में संबोधन

सोमवार को लोकसभा में पश्चिम एशिया के संकट पर वक्तव्य देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस अप्रत्याशित संघर्ष का प्रभाव लंबा रहने वाला है। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि इस संकट से निपटने के लिए हमें उसी एकजुटता की जरूरत है, जैसी हमने कोरोना महामारी के दौरान दिखाई थी। पीएम ने विश्वास दिलाया कि सरकार हालात से निपटने के लिए तत्पर है और पिछले एक दशक में ऊर्जा क्षेत्र में की गई तैयारियों से आज मदद मिल रही है।

केजरीवाल का पलटवार: “बिना तैयारी के क्यों पकड़ी गई सरकार?”

प्रधानमंत्री के इस बयान के तुरंत बाद अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर मोर्चा खोल दिया। केजरीवाल ने सरकार को घेरते हुए लिखा, “पूरी दुनिया को पता था कि युद्ध कभी भी छिड़ सकता है, फिर मोदी सरकार बिना तैयारी के क्यों पकड़ी गई? पहले से वैकल्पिक आपूर्ति (Alternative Supply) सुनिश्चित क्यों नहीं की गई?”

केजरीवाल ने गिनाए संकट के प्रभाव:

  • शेयर बाजार: बाजार में जारी भारी गिरावट से निवेशकों का पैसा डूब रहा है।
  • LPG संकट: एलपीजी की कमी के कारण छोटे कारोबार बंद हो रहे हैं और लोग भीषण गर्मी में सिलेंडरों के लिए कतारों में खड़े हैं।
  • रुपये की गिरावट: भारतीय रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर को छू रहा है, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा है।
  • रोजगार पर चोट: प्रवासी मजदूरों की रोजी-रोटी छिन रही है।

“आम आदमी ही क्यों चुकाए कीमत?”

केजरीवाल ने भावुक और तीखा सवाल करते हुए कहा कि जब भी कोई अंतरराष्ट्रीय संकट आता है, उसका सीधा बोझ गरीब और मध्यम वर्ग पर डाल दिया जाता है। उन्होंने सरकार से पूछा कि कूटनीति और लंबी-चौड़ी बातों के बीच आम आदमी के घर का बजट क्यों बिगड़ रहा है? ‘आप’ नेता ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार को आपदा आने से पहले ठोस व्यवस्था करनी चाहिए थी, न कि संकट आने पर लोगों से त्याग की उम्मीद करनी चाहिए।

यह भी पढ़ें:-  https://delhidarpantv.com/the-transfer-of-corrupt-officials-in-mcd-is-being-done-only-on-the-basis-of-the-crime-of-dismissal-and-transfer/

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