दिल्ली में बुधवार का दिन आम दिनों जैसा ही शुरू हुआ। लोग दफ्तरों और बाजारों की ओर भाग-दौड़ में लगे थे, लेकिन अचानक सुरक्षा एजेंसियों की एक बड़ी कार्रवाई ने पूरी राजधानी को हिला दिया। पुलिस ने एक ऑपरेशन चलाकर पांच आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया। बाद में पता चला कि ये सभी ISIS से जुड़े हुए थे और दिल्ली में किसी बड़े धमाके की साजिश रच रहे थे।
कैसे पहुंची पुलिस तक इनकी ख़बर?
कहते हैं ना—“दीवारों के भी कान होते हैं।”
कुछ ऐसा ही हुआ। खुफिया एजेंसियों को इन संदिग्धों की गतिविधियों की भनक लगी। अलग-अलग इलाकों में किराए पर रह रहे ये लोग बाहर से बिल्कुल साधारण दिखाई देते थे, लेकिन इनका रहन-सहन और देर रात की हलचल ने शक पैदा किया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया,
“हमारी टीम लगातार इनकी लोकेशन और फोन कॉल्स पर नज़र रख रही थी। जैसे ही ये सब एक जगह इकट्ठे हुए, हमने तुरंत रेड डाली और इन्हें काबू कर लिया।”
छापेमारी और चौंकाने वाले सबूत
पुलिस ने जैसे ही इनके ठिकानों की तलाशी ली, वहां से कई ऐसी चीज़ें मिलीं जिनसे इनके मंसूबे साफ हो गए। लैपटॉप में संदिग्ध चैट्स, मोबाइल में विदेशी नंबरों से संपर्क, पेन ड्राइव में नक्शे और लोकेशन डिटेल्स बरामद हुईं।
पुलिस का कहना है कि ये लोग राजधानी को दहलाने की तैयारी में थे।
पड़ोसियों की नज़र से
आस-पास रहने वाले लोगों को यकीन ही नहीं हो रहा।
एक बुज़ुर्ग पड़ोसी बोले—
“हमें तो लगा ये लड़के पढ़ाई करने आए हैं। चुपचाप रहते थे, किसी से मिलते-जुलते नहीं थे। जब पुलिस ने दरवाज़ा तोड़ा तो हमें पता चला असलियत क्या है।”
एक और शख्स ने कहा—
“हमारे मोहल्ले में ऐसे लोग रह सकते हैं, कभी सोचा भी नहीं था। अब तो डर लग रहा है।”
डर और राहत साथ-साथ
लोगों में दहशत जरूर है, लेकिन राहत भी कि पुलिस वक्त रहते हरकत में आ गई।
कनॉट प्लेस के पास दुकान चलाने वाले राजेश ने कहा—
“सोचिए अगर ये लोग पकड़े नहीं जाते तो क्या होता। कितनी ज़िंदगियां खतरे में पड़ जातीं। शुक्र है पुलिस ने सही टाइम पर कार्रवाई कर दी।”
आगे क्या होगा?
फिलहाल पुलिस और खुफिया एजेंसियां इनसे पूछताछ कर रही हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि इनके पीछे कितने और लोग छिपे हैं और पैसों व हथियारों की सप्लाई कहां से हो रही थी।
अधिकारियों का मानना है कि ये केवल पांच लोग नहीं, बल्कि एक बड़े नेटवर्क की कड़ी हैं। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारी हो सकती है।
नतीजा
इस गिरफ्तारी ने साफ कर दिया कि आतंक का खतरा अब भी टला नहीं है। मगर राहत की बात ये है कि दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियां हर कदम पर चौकन्नी हैं।लोग भले ही थोड़े डरे हुए हों, लेकिन अब उन्हें भरोसा है कि उनकी सुरक्षा की डोर मज़बूत हाथों में है।

