-दिल्ली दर्पण ब्यूरो
नई दिल्ली: देशभर में चुनाव सुधारों के लिए काम कर रहे भारतीय मतदाता संगठन (BMS) के संस्थापक डॉ. रिखब चन्द जैन ने संसद में होने वाली चुनाव सुधारों पर चर्चा का स्वागत करते हुए राजनीति के निरपराधी करण (Decriminalization) को राष्ट्र की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है । संगठन के संस्थापक डॉ रिखब चंद जैन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा व्यक्त करते हुए कहा है मोदी जी है तो मुमकिन है। प्रधानमंत्री भी जानते है कि यदि “राजनीतिक शुचिता से ही देश में सुशासन सम्भव है” ।
BMS संस्थापक डॉ रिखब चंद जैन ने संसद में चुनाव सुधारों की मांग का स्वागत करते हुए कुछ मांगे भी रखी है। इन मांगों में सबसे प्रमुख मांग यही की प्रधानमंत्री संसद में ऐसा कानून बने कि कोई भी आपराधिक व्यक्ति किसी भी चुनाव उम्मीदवार ना बन सके। भारतीय मतदाता संगठन ने सवाल उठाते हुए कहा है कि अगर आपराधिक व्यक्ति को घर , व्यापार या सेना में भर्ती नहीं किया जाता तो फिर रेप , हत्या , अपहरण जैसे 100 100 केस वाले व्यक्ति कैसे चुनाव लड़ कर सांसद , मंत्री और विधायक कैसे बन जाते है। श्री जैन ने कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट ने भी 5 -6 साल पहले सरकार को इस विषय पर कानून बनाने के लिए जनादेश दिया था। संगठन का कहना है की अपराधी को चुनाव लड़ने और यहाँ तक की वोट देने का भी अधिकार नहीं दिया जाना चाहिए। इस तरह का कानून सिंगापूर में भी है।

: पीएम मोदी के नेतृत्व में ‘सुधार मुमकिन’ – जैन
संस्थापक रिखब चन्द जैन ने विश्वास व्यक्त किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चुनाव सुधार और लोकतंत्र में सुधार मुमकिन है । उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री चुनाव सुधार और लोकतंत्र सुधार के लिए समर्पित हैं । संगठन ने 9-10 दिसंबर को लोकसभा में होने वाली चर्चा में सभी सांसदों से निरपराधी करण के विषय पर अवश्य चर्चा करने और कानून पारित करने का प्रयास करने का निवेदन किया है ।
जैन ने कहा कि ये चुनाव सुधार और लोकतंत्र सुधार की बातें कानून में सिर्फ लोकसभा और राज्यसभा ही कर सकती है, राज्य की विधानसभाएं इन विषयों पर कोई निर्णय नहीं ले सकती हैं । संगठन पिछले 10 वर्षों से लोकतंत्र में सुधार के लिए प्रयासरत है ।
BMS की अन्य महत्वपूर्ण सुधारों की मांग
डॉ. जैन ने आपराधिकता पर रोक के साथ-साथ अन्य महत्वपूर्ण सुधारों को भी प्राथमिकता देने की मांग की है:
- परिवारवाद: परिवारवाद की राजनीति समाप्त की जाए ।
- एक देश-एक चुनाव: इसे लागू किया जाए ।
- महिला प्रतिनिधित्व: चुनाव में महिलाओं को 33% या 50% स्थान दिया जाए ।
- पार्टी पंजीकरण: बेमतलबी राजनीतिक पार्टियों का रजिस्ट्रेशन चुनाव आयोग खत्म करे, जो व्यक्तिगत लाभ के लिए बनाई जा रही हैं ।
संगठन ने भारत के नागरिकों की ओर से सरकार से इन आवश्यक सुधारों को जल्द से जल्द लागू करने की मांग की है ।
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