नई दिल्ली:
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 पेश कर दिया है। बजट के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस बार देश की दिल्ली को उसकी पुरानी और गंभीर समस्याओं से राहत मिलेगी या फिर ये घोषणाएं भी आंकड़ों तक सीमित रह जाएंगी। ट्रैफिक जाम, प्रदूषण, बढ़ता अपराध और सरकारी अस्पतालों पर दबाव—ये वो मुद्दे हैं जिनसे हर दिल्लीवाला रोज जूझता है।
बजट 2026 में दिल्ली के लिए पुलिसिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वास्थ्य सेवाओं पर खास ध्यान दिया गया है, जबकि प्रदूषण नियंत्रण को लेकर मिली राशि पर विशेषज्ञ सवाल खड़े कर रहे हैं।
ट्रैफिक जाम से निजात की तैयारी
दिल्ली की सबसे बड़ी समस्या ट्रैफिक है। बजट में दिल्ली पुलिस के लिए 12,503.65 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 4.79 प्रतिशत अधिक है।
सरकार का कहना है कि इस राशि का इस्तेमाल आधुनिक ट्रैफिक सिग्नल, स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम और तकनीक आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट पर किया जाएगा। इससे न सिर्फ जाम की समस्या कम होगी, बल्कि आपातकालीन सेवाओं का रिस्पॉन्स टाइम भी सुधरेगा।
इसके अलावा दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को लेकर किए गए ऐलान को राजधानी की कनेक्टिविटी के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है।
अपराध पर शिकंजा कसने की कोशिश
दिल्ली में अपराध को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। बजट 2026 में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दिल्ली पुलिस के बुनियादी ढांचे, सर्विलांस सिस्टम और कम्युनिकेशन नेटवर्क को अपग्रेड करने पर जोर दिया गया है।
सरकार का दावा है कि नई तकनीक के जरिए पुलिस की कार्रवाई तेज होगी और अपराधियों पर निगरानी और सख्त की जा सकेगी।
प्रदूषण और यमुना की सफाई पर बहस
दिल्ली की हवा और यमुना नदी की हालत राजधानी के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। बजट में प्रदूषण नियंत्रण के लिए 1,091 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। हालांकि जानकारों का मानना है कि यह राशि समस्या की गंभीरता के मुकाबले कम है।
सरकार का फोकस कार्बन कैप्चर, कचरा प्रबंधन और स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के अगले चरण पर है। यमुना की सफाई के लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और कचरा निस्तारण परियोजनाओं को गति देने की बात कही गई है। लक्ष्य है कि 2026 तक शहरी इलाकों को गारबेज फ्री बनाया जाए।
स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ी राहत
दिल्ली के सरकारी अस्पतालों पर पूरे देश के मरीजों का दबाव रहता है। बजट 2026 में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए राहत की घोषणा की गई है।
- AIIMS दिल्ली को 5,500 करोड़ रुपये से अधिक
- सफदरजंग अस्पताल को 2,170 करोड़ रुपये
- RML अस्पताल को 1,450 करोड़ रुपये
सरकार का उद्देश्य अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाना और आधुनिक जांच सुविधाओं को आम जनता तक पहुंचाना है।
दिल्ली को कितनी केंद्रीय मदद?
बजट 2026 में दिल्ली के लिए 1,348 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता का प्रावधान किया गया है। इंफ्रास्ट्रक्चर और पुलिसिंग पर फोकस साफ नजर आता है, लेकिन प्रदूषण और कचरे जैसी जमीनी समस्याओं पर इस बजट का असर कितना होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
फिलहाल बजट से उम्मीदें तो जगी हैं, लेकिन असली परीक्षा जमीनी अमल की होगी।
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