नई दिल्ली: केंद्रीय बजट और भारत-अमेरिका के बीच हुए ऐतिहासिक व्यापार समझौते के बाद अब कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने भारतीय व्यापारियों और एमएसएमई (MSME) को सशक्त बनाने के लिए कमर कस ली है। कैट ने देशभर में “मैन्युफैक्चरर्स कॉन्फ्रेंस” आयोजित करने का निर्णय लिया है, ताकि छोटे और मध्यम उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के नए अवसरों की जानकारी दी जा सके।
क्यों खास है यह कॉन्फ्रेंस?
इस पहल की घोषणा करते हुए कैट के राष्ट्रीय महामंत्री एवं सांसद श्री प्रवीन खंडेलवाल ने बताया कि इन सम्मेलनों का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों को हाल ही में हुए मुक्त व्यापार समझौतों (FTAs) और केंद्रीय बजट के बारीक प्रावधानों से अवगत कराना है।
इन प्रमुख समझौतों पर होगी चर्चा:
- भारत–अमेरिका व्यापार समझौता
- भारत–यूएई व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (CEPA)
- भारत–ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग एवं व्यापार समझौता (ECTA)
- भारत–EFTA और प्रस्तावित भारत–यूरोपीय संघ (EU) समझौता
व्यापारियों को क्या मिलेगा लाभ?
श्री खंडेलवाल के अनुसार, मैन्युफैक्चरर्स कॉन्फ्रेंस में केवल चर्चा ही नहीं होगी, बल्कि व्यापारियों को उन तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी जाएगी जो उनके बिजनेस को ग्लोबल बनाने में मदद करेंगे:
- निर्यात और निवेश: नए बाजारों तक पहुँचने के तरीके।
- टैरिफ लाभ: निर्यात पर लगने वाले शुल्कों में छूट की जानकारी।
- लॉजिस्टिक्स और अनुपालन: व्यापार करने की प्रक्रिया को सरल बनाना।
- प्रौद्योगिकी हस्तांतरण: विदेशी तकनीक का लाभ उठाकर उत्पादन बढ़ाना।
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