नई दिल्ली। दिल्ली के जनकपुरी इलाके में सड़क के बीच खोदे गए गहरे गड्ढे में गिरने से 25 वर्षीय युवक की मौत के मामले में पोस्टमार्टम की शुरुआती रिपोर्ट सामने आ गई है। रिपोर्ट के अनुसार युवक की मौत दम घुटने (ट्रॉमैटिक एस्फिक्सिया) के कारण हुई। यह हादसा दिल्ली जल बोर्ड द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्य के दौरान छोड़े गए गड्ढे की वजह से हुआ, जिसको लेकर लोगों में भारी आक्रोश है।
मुंह-नाक में भर गई थी गीली मिट्टी
सूत्रों के मुताबिक मृतक कमल ध्यानी गड्ढे में गिरने के बाद सीधे मुंह के बल मिट्टी में फंस गया था। गड्ढे में मौजूद गीली मिट्टी उसके मुंह और नाक में भर गई, जिससे उसे सांस लेने में गंभीर परेशानी हुई। इसके अलावा बाइक के कमर और सीने पर गिर जाने से भी उसकी हालत और बिगड़ गई।
बाइक के दबाव से बढ़ी सांस की दिक्कत
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि कमल की कमर और सीने पर बाइक का दबाव पड़ा हुआ था। इस वजह से वह खुद को हिला-डुला भी नहीं सका। रिपोर्ट के अनुसार, बाइक का वजन और गीली मिट्टी दोनों ही उसकी सांस रुकने का कारण बने।
जांघ पर मिला जलने का निशान
रिपोर्ट में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। कमल की दाहिनी जांघ पर जलने का निशान पाया गया है, जो संभवतः बाइक के गर्म साइलेंसर के संपर्क में आने से हुआ होगा। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि वह काफी देर तक उसी हालत में फंसा रहा।
15 फुट गहरे गड्ढे में गिरा था युवक
जानकारी के अनुसार, कैलाशपुरी निवासी और एक निजी बैंक में कार्यरत कमल ध्यानी शुक्रवार (6 फरवरी) की सुबह घर लौट रहे थे। इसी दौरान वह दिल्ली जल बोर्ड की सीवर पाइपलाइन पुनर्वास परियोजना के लिए खोदे गए लगभग 15 फुट गहरे गड्ढे में बाइक समेत गिर गए। गड्ढे के आसपास कोई चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा घेराबंदी नहीं थी।
घंटों तलाश के बाद मिला शव
पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद परिजनों ने कई अस्पतालों में कमल की तलाश की, लेकिन किसी भी जगह दुर्घटना का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। मोबाइल फोन की लोकेशन के आधार पर परिवार और पुलिस ने जनकपुरी इलाके में कई घंटों तक खोजबीन की, जिसके बाद गड्ढे से शव बरामद हुआ।
परिजनों ने पुलिस पर लगाए लापरवाही के आरोप
परिवार का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में गंभीरता नहीं दिखाई और उन्हें यह कहकर इंतजार कराया गया कि गुमशुदगी की रिपोर्ट 24 घंटे बाद ही दर्ज की जा सकती है। वहीं पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए किसी भी तरह की लापरवाही से इनकार किया है।
सरकार और अधिकारियों पर फूटा गुस्सा
इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों में गुस्सा है। लोगों ने दिल्ली सरकार, दिल्ली जल बोर्ड और पुलिस पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अगर गड्ढे को ठीक से ढका गया होता या चेतावनी संकेत लगाए गए होते, तो एक युवक की जान बच सकती थी।

