दिल्ली की रात आम दिनों की तरह शांत थी, लेकिन अचानक गोलियों की आवाज़ ने इलाके की खामोशी तोड़ दी। यह आवाज़ थी पुलिस और कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा के शार्प शूटर के बीच मुठभेड़ की। चंद मिनटों तक चली इस गोलीबारी ने पूरे मोहल्ले को हिला दिया। बदमाश पुलिस की गोली से घायल होकर गिर पड़ा और इसी के साथ उसकी दहशत का खेल थम गया।
पुलिस का जाल और टकराव
पिछले कई दिनों से पुलिस को जानकारी मिल रही थी कि गोदारा गैंग का शार्प शूटर दिल्ली में छिपा हुआ है। बताया जा रहा था कि वह किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रहा है।
स्पेशल सेल ने रणनीति बनाकर उसे पकड़ने का प्लान बनाया। जैसे ही पुलिस ने घेराबंदी की, बदमाश ने सरेंडर करने के बजाय फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं। नतीजा ये हुआ कि शार्प शूटर के पैर में गोली लगी और वह वहीं गिर पड़ा।
खौफ का दूसरा नाम
ये कोई साधारण बदमाश नहीं था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक वह रोहित गोदारा का बेहद खास और भरोसेमंद शूटर था। हत्या, लूट, रंगदारी और फिरौती जैसे कई संगीन मामलों में उसका नाम सामने आ चुका है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गोदारा गैंग अपने काम करवाने के लिए इसे “हिटमैन” की तरह इस्तेमाल करता था। दिल्ली-एनसीआर के कई व्यापारी इसकी वजह से खौफ में जीते थे।
इलाके का हाल
एनकाउंटर के वक्त इलाके का नज़ारा किसी फिल्मी सीन जैसा था। अचानक गोलियों की आवाज़ गूंजी, लोग सहम गए। कई परिवारों ने तुरंत घर के दरवाज़े-खिड़कियां बंद कर लीं। बच्चे डरकर अपने माता-पिता से लिपट गए।
एक स्थानीय निवासी ने बताया –
“इतनी ज़ोर की आवाज़ थी कि लगा कहीं बम फट गया हो। हमने खिड़की से बाहर झांकने की कोशिश की, लेकिन डर इतना था कि तुरंत पर्दे गिराकर अंदर बैठ गए।”
अस्पताल में इलाज
पुलिस ने घायल बदमाश को तुरंत नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने बताया कि उसकी हालत स्थिर है और इलाज जारी है। फिलहाल वह पुलिस की कड़ी निगरानी में है।
पुलिस का सख्त संदेश
इस एनकाउंटर के बाद पुलिस ने साफ कर दिया है कि राजधानी में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। पुलिस ने कहा कि जो भी कानून से खिलवाड़ करेगा, उसे नतीजे भुगतने होंगे। अब अगला कदम गोदारा गैंग के बाकी सदस्यों की तलाश है, जिन पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
जनता की उम्मीदें
स्थानीय लोग राहत की सांस ले रहे हैं कि एक बड़ा बदमाश पकड़ा गया। लेकिन साथ ही उनकी चिंता भी यही है कि इस तरह के अपराधी बार-बार क्यों निकल आते हैं? लोग चाहते हैं कि पुलिस ऐसे गैंग्स का पूरी तरह सफाया करे ताकि वे चैन की जिंदगी जी सकें।
नतीजा
दिल्ली में हुआ यह एनकाउंटर सिर्फ एक बदमाश के घायल होने की खबर नहीं है। यह राजधानी में अपराध और कानून की जंग की कहानी है। रोहित गोदारा का शार्प शूटर भले ही अब अस्पताल के बिस्तर पर पड़ा है, लेकिन इस मुठभेड़ ने साफ कर दिया है कि पुलिस हर हाल में अपराधियों को जवाब देने के लिए तैयार है।

