Wednesday, February 11, 2026
spot_img
HomeMCDदिल्ली में प्रदूषण चरम पर, जहरीली हवा ने बढ़ाई चिंता

दिल्ली में प्रदूषण चरम पर, जहरीली हवा ने बढ़ाई चिंता

नई दिल्ली:-राजधानी दिल्ली में प्रदूषण एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। वायु गुणवत्ता में अचानक आई भारी गिरावट को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने तत्काल प्रभाव से GRAP-3 लागू कर दिया है। शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात हालात इतने बिगड़ गए कि कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 700 से 800 के बीच दर्ज किया गया, जिससे राजधानी की हवा बेहद जहरीली हो गई है। इसका सीधा असर आम जनजीवन, स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक व्यवस्था पर पड़ रहा है।

शनिवार सुबह दिल्ली के अधिकांश इलाकों में घनी धुंध की चादर छाई रही। दृश्यता इतनी कम हो गई कि कई जगहों पर सड़क और आसपास का इलाका साफ नजर नहीं आया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के 21 निगरानी स्टेशनों पर AQI 400 के पार दर्ज किया गया। वजीरपुर में AQI 445, विवेक विहार में 444, जहांगीरपुरी में 442, आनंद विहार में 439 और अशोक विहार व रोहिणी में 437 रिकॉर्ड किया गया। नरेला, पटपड़गंज, मुंडका, बवाना, आईटीओ और नेहरू नगर जैसे इलाकों में भी हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं।

क्यों लागू किया गया GRAP-3

CAQM के अनुसार, दिल्ली-NCR में लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता और AQI के दोबारा 400 के पार पहुंचने के कारण GRAP-3 के सभी सख्त प्रतिबंध लागू किए गए हैं। इस चरण के तहत गैर-आवश्यक निर्माण और विध्वंस कार्यों पर रोक, कच्ची सड़कों पर निर्माण सामग्री के परिवहन पर पाबंदी, पत्थर तोड़ने की मशीनों, ईंट भट्टों और खनन गतिविधियों पर रोक लगाई गई है। इसके अलावा डीजल जेनरेटर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध, गैर-जरूरी वाहनों की आवाजाही पर नियंत्रण और औद्योगिक इकाइयों के उत्सर्जन की कड़ी निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का मानना है कि इन कठोर कदमों के बिना प्रदूषण को नियंत्रित करना संभव नहीं है।

हालांकि, मेट्रो, रेलवे, हवाई अड्डे, राजमार्ग, स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़ी आवश्यक परियोजनाओं को सशर्त छूट दी गई है। दिव्यांगों के लिए पंजीकृत वाहनों को राहत दी गई है, कक्षा 5 तक के छात्रों के लिए हाइब्रिड पढ़ाई को बढ़ावा दिया गया है और लोगों से सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की गई है।

प्रदूषण के पीछे कारण

विशेषज्ञों के मुताबिक, दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने के पीछे कई कारण एक साथ जिम्मेदार हैं। पश्चिमी राज्यों में पराली जलाने से उठने वाला धुआं हवा के जरिए दिल्ली-NCR में जमा हो रहा है। इसके साथ ही कम हवा की रफ्तार, वाहनों की बढ़ती संख्या, लगातार चल रहे निर्माण कार्य और औद्योगिक गतिविधियां हालात को और बिगाड़ रही हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम का पैटर्न भी असामान्य हो गया है, जिसका सीधा असर वायु गुणवत्ता पर पड़ रहा है।

फिलहाल दिल्ली की हवा बेहद गंभीर श्रेणी में बनी हुई है और प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने, अनावश्यक बाहर न निकलने और स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

यह भी पढ़ें:- https://delhidarpantv.com/mcd-keshopuram-zone-the-hub-of-corruption-where-a-fire-gutted-property-rises-anew/

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments