दिल्ली-NCR में इन दिनों ठंड नहीं, बल्कि ज़हर उतर रहा है। सुबह घर से निकलते ही आंखों में जलन शुरू हो जाती है, गला सूखने लगता है और सांस जैसे भारी पड़ने लगती है। सड़कें धुंध में खोई हैं, लेकिन ये धुंध नहीं — यह वो हवा है जो हर सांस के साथ शरीर को नुकसान पहुंचा रही है।
हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि सरकार को सबसे सख्त कदम उठाने पड़े हैं। GRAP-4 लागू हो चुका है, यानी अब साफ तौर पर माना जा रहा है कि दिल्ली-NCR की हवा खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है।
बच्चों के खेल पर ब्रेक, क्योंकि हवा ही दुश्मन बन गई
इसी बीच वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने एक अहम और जरूरी फैसला लिया है। आयोग ने दिल्ली और NCR की सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि सभी आउटडोर खेल गतिविधियों को तुरंत बंद किया जाए। वजह सीधी है — खराब हवा में खेलना बच्चों की सेहत के साथ खिलवाड़ है।
आयोग ने चेतावनी दी है कि खुले मैदानों में खेल, दौड़ या प्रतियोगिताएं बच्चों के फेफड़ों, आंखों और इम्यून सिस्टम पर गंभीर असर डाल सकती हैं। यह सिर्फ एहतियात नहीं, बल्कि मजबूरी बन चुकी है।
सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला, फिर भी लापरवाही
यह मामला पहले ही सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका था। 19 नवंबर को अदालत के साफ निर्देश आए थे कि प्रदूषण के बीच आउटडोर गतिविधियां रोकी जाएं। लेकिन इसके बावजूद दिल्ली-NCR के कुछ स्कूल और संस्थान मैदानों में खेल आयोजित करते रहे।
शनिवार को CAQM ने दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर चिंता जताई — जब देश की सर्वोच्च अदालत चेतावनी दे चुकी है, तब भी बच्चे ज़हरीली हवा में खेलने को मजबूर क्यों हैं?
नवंबर-दिसंबर की प्रतियोगिताएं भी होंगी स्थगित
आयोग ने दो टूक कहा है कि नवंबर और दिसंबर में होने वाली सभी फिजिकल गेम प्रतियोगिताएं स्थगित की जाएं। इस मौसम में प्रदूषण अपने सबसे खतरनाक रूप में होता है और ऐसे में खेल बच्चों की सेहत पर भारी पड़ सकता है।
आदेश नहीं, सेहत की गुहार
CAQM ने राज्य सरकारों और दिल्ली सरकार से कहा है कि यह सिर्फ एक आदेश नहीं, बल्कि बच्चों की सेहत को बचाने की कोशिश है। सभी स्कूलों, कॉलेजों, खेल निकायों और स्थानीय प्रशासन को साफ निर्देश दिए जाएं कि कोई भी आउटडोर गतिविधि न हो।
साथ ही अभिभावकों को भी जागरूक करने पर ज़ोर दिया गया है, ताकि वे यह समझ सकें कि आज एक दिन का खेल, कल बच्चों की उम्रभर की परेशानी बन सकता है।
GRAP-4: जब हालात बेकाबू हो जाएं
प्रदूषण के खतरनाक स्तर पर पहुंचने के बाद GRAP के फेज-IV को लागू कर दिया गया है। इसका मतलब है — दिल्ली-NCR में सभी निर्माण और तोड़-फोड़ के काम बंद, जरूरी सेवाओं को छोड़कर ट्रकों की एंट्री पर रोक। केवल CNG, LNG, इलेक्ट्रिक और BS-VI ट्रकों को छूट दी गई है।
स्कूल भी बदले मोड में
बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए दिल्ली और सबसे ज्यादा प्रभावित NCR जिलों में स्कूलों को हाइब्रिड मोड में चलाने के निर्देश दिए गए हैं। प्राथमिक कक्षाओं के साथ-साथ छठी से नौवीं और ग्यारहवीं तक के छात्रों को जहां संभव हो, ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प दिया जाएगा।
सवाल हवा से बड़ा है
आज दिल्ली-NCR में सवाल यह नहीं है कि बच्चे खेल पाएंगे या नहीं। सवाल यह है कि क्या वे सुरक्षित सांस ले पाएंगे?
जब हवा ही बीमार कर दे, तो मैदान खाली रहना ही सबसे समझदारी भरा फैसला लगता है।
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