दिल्ली में पुलिस कमिश्नर दफ्तर को भेजे गए धमकी भरे ईमेल के मामले में क्राइम ब्रांच ने बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने इस मामले में अभय शी नाम के युवक को गिरफ्तार किया है, जो पुलिस अधिकारियों को डराने और पैसे ऐंठने के इरादे से ईमेल भेज रहा था। हैरानी की बात यह है कि इस पूरी वारदात की जड़ एक निजी विवाद और बदले की भावना थी।
कैसे खुली मामले की परतें
7 दिसंबर 2025 को दिल्ली पुलिस कमिश्नर ऑफिस में एक ईमेल आया, जिसमें खुद को एक प्रतिबंधित संगठन का सदस्य बताते हुए धमकी दी गई थी और फिरौती की मांग भी की गई थी। मामला संवेदनशील था, इसलिए तुरंत जांच शुरू की गई।
तकनीकी टीम ने मेल भेजने में इस्तेमाल हुए मोबाइल नंबर को ट्रेस किया और उसके आधार पर गुरुग्राम से मोहित नाम के युवक को पकड़ा। लेकिन मोहित ने पूछताछ में जो बताया, उससे पुलिस की जांच एकदम नई दिशा में मुड़ गई।
मोहित ने बताया—“मैं खुद पीड़ित हूं”
मोहित ने पुलिस को बताया कि वह बीते दिनों से लगातार ऑनलाइन बदसलूकी, धमकीभरे मैसेज और फर्जी शिकायतों का शिकार हो रहा था। उसने साफ कहा कि यह सब एक युवक—अभय—कर रहा है, जिसके साथ उसका निजी विवाद चल रहा है।
इसके बाद पुलिस ने अभय शी को साकेत के सेक्टर–उलाजाब इलाके से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद चौंकाने वाला खुलासा
पकड़े जाने के बाद अभय ने मान लिया कि उसने बदले की भावना से मोहित के खिलाफ यह “ऑनलाइन हमला” किया था। दोनों के बीच एक लड़की को लेकर तनाव था, और इसी रंजिश में अभय ने यह सब प्लान बना लिया।
- अभय ने कई नकली ईमेल ID बनाई थीं।
- उन्हीं से उसने दिल्ली और बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर ऑफिस को धमकी भरे मेल भेजे।
- राजस्थान पुलिस को भी व्हाट्सएप पर धमकी भेजी।
- इतना ही नहीं, उसने मोहित के नाम से फर्जी साइबर शिकायतें भी डलवाईं।
पुलिस ने आरोपी का फोन जब्त कर लिया है। जांच में यह भी सामने आया कि अभय ने फोन से काफी डेटा डिलीट कर दिया था। डिवाइस को फोरेंसिक टीम के पास भेज दिया गया है।
कौन है आरोपी अभय शी?
- मूल रूप से जमशेदपुर का रहने वाला
- बीसीए का छात्र
- दिल्ली में साकेत क्षेत्र में नौकरी कर चुका
- फिलहाल फ्रीलांस वेब डेवलपर
पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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