दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने ट्यूशन पढ़ाने के बहाने लोगों का भरोसा जीतकर करोड़ों की ठगी करने वाले एक शातिर दंपत्ति को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी चंद्रदीप चमोली, जिसे इलाके में लोग सम्मान से ‘मास्टर जी’ कहकर पुकारते थे, और उसकी पत्नी सरिता चमोली पर करीब 48 परिवारों से 2 करोड़ रुपये हड़पने का गंभीर आरोप है। डीसीपी अमित वर्मा के अनुसार, चंद्रदीप दासघरा, इंद्रपुरी और पूसा जैसे इलाकों में बच्चों को ट्यूशन पढ़ाता था। इसी ट्यूशन की आड़ में उसने अपना एक ‘ठगी का सिलेबस’ तैयार किया और अभिभावकों का विश्वास जीतकर उन्हें अपनी अवैध कमेटी स्कीम्स में निवेश करने के लिए उकसाया।
आरोपी ने इंद्रपुरी मेन मार्केट में अपना कार्यालय खोल रखा था, जहाँ से वह 2013-14 से करीब 52 अवैध कमेटियां चला रहा था। उसने स्थानीय निवासियों और बच्चों के माता-पिता को बैंक से कहीं अधिक रिटर्न देने का लालच दिया। लोग उसके ‘शिक्षक’ होने के नाते उस पर आंख मूंदकर भरोसा कर बैठे, लेकिन जब अप्रैल 2025 में भुगतान और मुनाफे का समय आया, तो आरोपी दंपत्ति रातों-रात परिवार समेत फरार हो गया। इस धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब कुलदीप सिंह सहित 47 अन्य पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद 16 अक्टूबर 2025 को EOW थाने में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने अपनी पहचान मिटाने के लिए निवेशकों का हिसाब-किताब वाला रजिस्टर जला दिया और अपने मोबाइल व सिम कार्ड भी नष्ट कर दिए थे। हालांकि, दिल्ली पुलिस की तकनीकी सर्विलांस और लंबी मशक्कत के बाद, मास्टरमाइंड चंद्रदीप को उत्तर प्रदेश के रामपुर से 2 फरवरी को और उसकी पत्नी सरिता को 12 फरवरी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस की इस कार्रवाई ने उन 48 परिवारों को न्याय की उम्मीद दी है, जिन्होंने अपनी मेहनत की कमाई एक ‘शिक्षक’ के भरोसे पर दांव पर लगा दी थी। यह मामला समाज के लिए एक चेतावनी है कि शिक्षा जैसे पवित्र पेशे की आड़ में भी ठगी की पाठशाला चलाई जा सकती है।

