नई दिल्ली: दिल्ली की कथित आबकारी (शराब) नीति मामले में सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों को अपना जवाब दाखिल करने के लिए 5 अप्रैल तक का समय दिया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले की अगली सुनवाई 6 अप्रैल को की जाएगी और तब तक अदालत का पिछला अंतरिम आदेश प्रभावी रहेगा।
यह सुनवाई CBI की याचिका पर हुई, जिसमें निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी गई है। सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी नोट किया कि अरविंद केजरीवाल ने इसी मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दाखिल की है।
CBI ने उठाए निचली अदालत के फैसले पर सवाल
सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील देते हुए कहा कि इस मामले में न्याय नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष सुनवाई के लिए सभी रिकॉर्ड अदालत के सामने रखे जाने चाहिए।
तुषार मेहता ने यह भी कहा कि निचली अदालत का आदेश न्यायपूर्ण नहीं था और इस मामले की पूरी तरह से समीक्षा की जानी चाहिए।
केजरीवाल की ओर से याचिका का विरोध
वहीं अरविंद केजरीवाल की ओर से पेश वकील ने CBI की याचिका का विरोध किया। सुनवाई के दौरान सीबीआई की तरफ से यह भी आरोप लगाया गया कि केजरीवाल न्यायिक प्रक्रिया और जांच एजेंसी के प्रति पूर्वाग्रह से ग्रसित हैं।
फिलहाल दिल्ली हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को जवाब दाखिल करने के लिए समय देते हुए अगली सुनवाई 6 अप्रैल को निर्धारित कर दी है। अब इस मामले में अगली तारीख पर अदालत में आगे की दलीलें सुनी जाएंगी।
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