दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब दिल्ली सरकार के मंत्री परवेश साहिब सिंह ने अचानक बोर्ड के दफ्तरों का निरीक्षण किया। सुबह कार्यालय समय के दौरान राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार जोन के ZRO (ज़ोनल रेवेन्यू ऑफिसर) अपने-अपने दफ्तरों से नदारद पाए गए। इस पर मंत्री ने तत्काल सख्त कार्रवाई करते हुए तीनों अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया।
मंत्री परवेश साहिब सिंह ने पहले संबंधित ZRO से फोन पर बातचीत की और उनकी अनुपस्थिति पर जवाब मांगा। संतोषजनक उत्तर न मिलने पर उन्होंने तीनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया। इस पूरी कार्रवाई का वीडियो मंत्री ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर साझा किया है, जो तेजी से वायरल हो रहा है।
“लापरवाही बर्दाश्त नहीं” – मंत्री परवेश साहिब सिंह
मंत्री ने अपने पोस्ट में लिखा, “आज निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताओं, लापरवाही और ड्यूटी पर देरी को देखते हुए दिल्ली जल बोर्ड के राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार जोन के ZRO को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। हमारी सरकार का स्पष्ट संदेश है कि जनसेवा में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिम्मेदारी निभानी होगी, वरना कार्रवाई तय है।”
सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं
मंत्री की इस कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने खुलकर अपनी राय रखी। एक यूजर ने सुझाव दिया कि सभी अधिकारियों की बायोमैट्रिक हाजिरी अनिवार्य की जाए और इन-आउट रिकॉर्ड के बिना वेतन न दिया जाए। वहीं, दूसरे यूजर ने नांगलोई क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं होती और मामलों को बिना समाधान के बंद कर दिया जाता है।
शिकायतों पर कार्रवाई न होने से जनता नाराज
कई लोगों ने सीवर और पानी से जुड़ी समस्याओं की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि वर्षों से शिकायतों को नजरअंदाज किया जा रहा है। यूजर्स का कहना है कि दिल्ली जल बोर्ड के पास पर्याप्त बजट और शिकायत दर्ज करने की व्यवस्था होने के बावजूद हालात नहीं सुधर रहे हैं और सिर्फ औपचारिकताएं निभाई जा रही हैं।
मंत्री परवेश साहिब सिंह के पास कौन-कौन से मंत्रालय
गौरतलब है कि मंत्री परवेश साहिब सिंह के पास लोक निर्माण विभाग (PWD), जल, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण, गुरुद्वारा चुनाव और विधायी मामलों का जिम्मा है। हाल ही में उन्होंने नई दिल्ली विधानसभा सीट से अरविंद केजरीवाल को चुनाव में हराया था।

