नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के द्वारका इलाके से एक बड़े हादसे की खबर सामने आई है। बुधवार को मित्राऊं गांव स्थित एक सीएनजी (CNG) फिलिंग स्टेशन पर गैस भरने के दौरान अचानक सिलेंडर फट गया। इस जोरदार धमाके की चपेट में आने से कम से कम चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनमें से दो की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। धमाके के बाद पंप परिसर में अफरा-तफरी मच गई और आनन-फानन में घायलों को अस्पताल पहुँचाया गया।
गैस भरते समय हुआ हादसा, 3 पंप अटेंडेंट घायल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब पंप अटेंडेंट एक ट्रक में सीएनजी भर रहे थे। तभी अचानक ट्रक में लगा एक सिलेंडर जोरदार आवाज के साथ फट गया। घायलों की पहचान 34 वर्षीय दीपक, 26 वर्षीय विकास कुमार और 40 वर्षीय नीरज के रूप में हुई है, जो पंप पर अटेंडेंट के रूप में कार्यरत थे। चौथे घायल व्यक्ति की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। सभी का इलाज राव तुला राम अस्पताल में जारी है।
जांच में जुटी पुलिस और FSL की टीम
हादसे की सूचना मिलते ही DCP द्वारका सहित भारी पुलिस बल और FSL (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीमें मौके पर पहुँच गईं। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि ट्रक में लगी सीएनजी किट मानकों के अनुरूप नहीं थी, जिसके कारण दबाव बढ़ने पर सिलेंडर फट गया। घटनास्थल पर IGL (इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड) के तकनीशियन और अधिकारी भी मौजूद हैं, जो तकनीकी खामियों की जांच कर रहे हैं।
सांसद और पार्षद ने लिया जायजा
स्थानीय पार्षद अमित खरखड़ी ने अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल जाना और उनके उचित उपचार के निर्देश दिए। वहीं, पश्चिमी दिल्ली की सांसद कमलजीत सहरावत ने घटना का कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने संबंधित विभागों को मामले की निष्पक्ष जांच करने और सुरक्षा मानकों में लापरवाही बरतने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।
अवैध सीएनजी किट पर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर वाहनों में इस्तेमाल होने वाली अवैध और घटिया सीएनजी किटो पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन ने वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे केवल प्रमाणित (Certified) सीएनजी किट का ही उपयोग करें ताकि ऐसे जानलेवा हादसों को रोका जा सके।

