इटावा: रेलवे की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाने वाले खाकीधारी ही जब नियमों की धज्जियां उड़ाने लगें, तो सवाल उठना लाजमी है। उत्तर प्रदेश के इटावा रेलवे स्टेशन पर एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहाँ राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) के एक सिपाही ने बिना किसी आपातकालीन स्थिति के सुपरफास्ट स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एक्सप्रेस की वैक्यूम (चेन पुलिंग) कर दी। इतना ही नहीं, घटना के बाद भाग रहे सिपाही को रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों ने दौड़कर पकड़ लिया।
सुपरफास्ट ट्रेन को बीच रास्ते रोका
जानकारी के मुताबिक, यह घटना उस समय हुई जब स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एक्सप्रेस इटावा से गुजर रही थी। इस ट्रेन का यहाँ स्टॉपेज (ठहराव) नहीं था, लेकिन सिपाही को शायद यहीं उतरना था। अपने रसूख और पद का गलत इस्तेमाल करते हुए सिपाही ने चेन खींचकर ट्रेन को रोक दिया। अचानक ट्रेन रुकने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और रेलवे के परिचालन तंत्र में भी हड़कंप मच गया।
RPF और GRP के बीच ‘लुका-छिपी’ का खेल
जैसे ही ट्रेन रुकी, ड्यूटी पर तैनात RPF के जवान हरकत में आ गए। उन्होंने देखा कि एक व्यक्ति ट्रेन से उतरकर तेजी से भागने की कोशिश कर रहा है। RPF की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए घेराबंदी की और भाग रहे शख्स को धर दबोचा। पकड़े जाने पर पता चला कि वह कोई आम यात्री नहीं, बल्कि GRP का ही एक सिपाही है।
अनुशासन का डंडा: सिपाही सस्पेंड
एक पुलिसकर्मी द्वारा सरेआम कानून तोड़ने की इस घटना को रेल प्रशासन और पुलिस विभाग ने बेहद गंभीरता से लिया है। उच्च अधिकारियों के संज्ञान में मामला आने के बाद आरोपी GRP जवान को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया गया है। विभागीय जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं कि आखिर सिपाही ने किस वजह से और किस अधिकार से ट्रेन की चेन पुलिंग की।
यात्रियों की सुरक्षा और नियमों का उल्लंघन
रेलवे नियमों के मुताबिक, बिना किसी ठोस कारण के चेन पुलिंग करना एक दंडनीय अपराध है। इस मामले ने एक बार फिर वर्दीधारियों के व्यवहार और रेलवे में समन्वय पर सवाल खड़े कर दिए हैं। RPF की इस कार्रवाई की सराहना हो रही है, क्योंकि उन्होंने बिना किसी दबाव के नियम तोड़ने वाले पुलिसकर्मी पर सख्त एक्शन लिया।

