नई दिल्ली, दिल्ली की रोहिणी कोर्ट ने हरियाणा के फतेहाबाद के SP और जाखल थाना प्रभारी (SHO) को 31 मई को अदालत में पेश होने का आदेश दिया है। यह आदेश एक वाणिज्यिक विवाद से जुड़े मामले में न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डालने और कोर्ट के आदेशों की अवहेलना को लेकर जारी किया गया है।
मामला 10 मई 2025 को जाखल स्थित M/s Shiv Tobacco Company के परिसर में हुआ, जहां कोर्ट द्वारा नियुक्त Local Commissioner एडवोकेट आयुष राठौर कोर्ट के आदेश का पालन कराने पहुंचे थे। उन्हें वहां स्टॉक की लिस्ट बनाने और अवैध माल जब्त करने का कार्य सौंपा गया था।
लेकिन प्रतिवादी दीपक सिंगला, उनकी पत्नी आशु सिंगला और कुछ अन्य महिलाओं ने कथित रूप से इस प्रक्रिया में रुकावट डाली। शिकायत के मुताबिक, उन्होंने Commissioner से धक्का-मुक्की की, गाली-गलौज की और झूठे यौन उत्पीड़न के आरोप की धमकी दी। इतना ही नहीं, मीडिया को बुलाकर माहौल बिगाड़ा और सामान हटाने से रोका।
इन सबके बावजूद Local Commissioner ने शाम 5 बजे तक कार्रवाई पूरी की और जब्त सामान वादी को सुपुर्द कर दिया।
कोर्ट ने फतेहाबाद के SP की रिपोर्ट को “अधूरी” और “गंभीरता की कमी” वाला बताते हुए नाराजगी जताई, क्योंकि रिपोर्ट में न तो सही जांच की गई थी और न ही आरोपी पक्षों की पहचान पर कुछ कहा गया था।
रोहिणी कोर्ट बार एसोसिएशन ने भी इस घटना की निंदा की और अपने सदस्य (Local Commissioner) की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। कोर्ट ने दीपक सिंगला, आशु सिंगला, अन्य महिलाओं और SHO जाखल को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं कि उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों न की जाए।
यह मामला कोर्ट की गरिमा, न्यायिक प्रक्रिया की निष्पक्षता और न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा से जुड़ा है, जिस पर अदालत ने सख्त रुख अपनाया है।

