नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने राजधानी के सबसे बदनाम रेड लाइट एरिया जी.बी. रोड (G.B. Road) पर एक बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देकर मानवता को शर्मसार होने से बचा लिया है। डीसीपी सेंट्रल के निर्देशन में पुलिस ने कोठा नंबर 56 पर छापेमारी कर 8 नाबालिग बच्चियों को नरक जैसी जिंदगी से मुक्त कराया है। ये बच्चियां मानव तस्करी का शिकार थीं और इन्हें 3×6 फीट के बेहद संकरे और अंधेरे गुप्त तहखानों में छिपाकर रखा गया था।
दीवारें और फर्श तोड़कर निकाली गईं लड़कियां
पुलिस और एनजीओ ‘सहयोग केयर फॉर यू’ की संयुक्त टीम ने जब रात 1 बजे कोठा नंबर 56 पर धावा बोला, तो वहां का नजारा विचलित करने वाला था। लड़कियों को पुलिस की नजरों से बचाने के लिए दीवारों के पीछे और फर्श के नीचे बने गुप्त तहखानों में ठूसा गया था। पुलिस टीम को इन मासूमों तक पहुँचने के लिए हथौड़ों से दीवारों और फर्श को तोड़ना पड़ा। मुक्त कराई गई बच्चियों में 5 बंगाल, 1 मेरठ, 1 असम और 1 नेपाल की रहने वाली है।
15 देशों की विदेशी मुद्रा और विदेशी कनेक्शन
छापेमारी के दौरान पुलिस को कोठे से एक कैश बॉक्स मिला, जिसने जांच एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं। इसमें भारत सहित 15 अलग-अलग देशों की करेंसी बरामद हुई है। बरामद नकदी की कुल कीमत 25 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा और शराब का मिलना इस बात की पुष्टि करता है कि यहाँ मासूम बच्चियों की सौदेबाजी में विदेशी रसूखदार और अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट भी शामिल थे।
कोठा संचालक और ग्राहक गिरफ्तार
पुलिस ने मौके से कोठा संचालक, मैनेजर, अकाउंटेंट और तीन ग्राहकों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। ये ग्राहक नाबालिग बच्चियों के साथ दुष्कर्म में लिप्त पाए गए। पुलिस ने कोठे को सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस ऑपरेशन में ‘सहयोग केयर फॉर यू’ के संचालक जे.आर. शरण और उनकी टीम (फिरदौस, रेखा और रिज़वान) की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही, जिनकी सटीक सूचना पर इस सफल ऑपरेशन को अंजाम दिया गया।
आगे की कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मानव तस्करी और बाल शोषण के खिलाफ यह जीरो टॉलरेंस की नीति है। मुक्त कराई गई सभी बच्चियों को मेडिकल जांच के बाद सुरक्षित शेल्टर होम भेज दिया गया है। पुलिस अब उन कड़ियों को जोड़ रही है जो इन बच्चियों को तस्करी कर दिल्ली लाते थे।

