नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लगातार बढ़ते अपराधों और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने एक बार फिर केंद्र सरकार और दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी ने दिल्ली की सुरक्षा स्थिति पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा है कि दिल्ली अब सुरक्षित शहर नहीं, बल्कि ‘क्राइम कैपिटल’ (अपराध की राजधानी) बनती जा रही है।
“सुरक्षा छोड़ राजनीति में व्यस्त है प्रशासन”
आम आदमी पार्टी ने सीधे तौर पर दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) पर निशाना साधा है। पार्टी का आरोप है कि एलजी का प्राथमिक काम दिल्ली के नागरिकों को सुरक्षा देना है, लेकिन वे अपना सारा समय दिल्ली सरकार के काम रोकने और राजनीति करने में लगा रहे हैं। ‘आप’ ने सवाल पूछा कि आखिर दिल्ली की कानून-व्यवस्था का मालिक कौन है और वह जवाबदेही से क्यों भाग रहा है?
महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल
ट्वीट और पार्टी के आधिकारिक बयान के अनुसार, दिल्ली की सड़कों पर महिलाएं और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस, जो सीधे केंद्र के अधीन है, अपराधियों पर लगाम कसने के बजाय विपक्षी नेताओं और लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने में अधिक सक्रिय दिखाई दे रही है। ‘आप’ का तर्क है कि अगर पुलिस का सही इस्तेमाल अपराधियों के खिलाफ होता, तो आज दिल्ली की ऐसी बदहाली नहीं होती।
दिल्ली को सुरक्षा चाहिए, राजनीति नहीं
पार्टी ने मांग की है कि दिल्ली की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार विभागों और अधिकारियों को अपनी प्रशासनिक विफलता माननी चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से तुरंत हस्तक्षेप करने और दिल्ली पुलिस को अधिक जवाबदेह बनाने की अपील की है। ‘आप’ के अनुसार, दिल्ली की जनता अब खोखले वादों से थक चुकी है और उसे जमीन पर पुख्ता सुरक्षा इंतजाम चाहिए।

