दिल्ली में स्टॉक मार्केट और तेजी से मुनाफा कमाने के नाम पर चल रहा एक बड़ा फर्जीवाड़ा आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। लोगों को आईपीओ में निवेश कर दोगुना-तिगुना रिटर्न देने का सपना दिखाने वाले इस गिरोह ने पिछले कुछ महीनों में लाखों रुपये की ठगी की थी। कई पीड़ितों की शिकायतें मिलने के बाद साइबर सेल और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को स्टॉक मार्केट एक्सपर्ट बताकर सोशल मीडिया और फोन कॉल्स के जरिए लोगों को टारगेट करते थे। खासकर वे लोग जो बाजार की कम समझ रखते हैं लेकिन जल्दी मुनाफा कमाना चाहते हैं—उनके लिए ये ठग आसानी से “शिकार” ढूंढ लेते थे। आरोपी अपनी बात में विश्वास दिलाने के लिए फर्जी वेबसाइटें, नकली कंपनी प्रोफाइल, और भरोसेमंद दिखने वाली रिपोर्ट्स का इस्तेमाल करते थे।
इस ठगी का तरीका बेहद चालाकी से तैयार किया गया था। सबसे पहले लोगों को किसी लोकप्रिय कंपनी के आने वाले आईपीओ में प्री-लॉन्च निवेश का ऑफर दिया जाता था। दावा किया जाता कि यह जानकारी सिर्फ चुनिंदा निवेशकों तक सीमित है और इससे 20–50% तक का गारंटीड रिटर्न मिलेगा। जब लोग निवेश करने के लिए तैयार होते, तो उन्हें एक लिंक या QR कोड भेजा जाता, जिसके जरिए पैसे सीधे ठगों के बैंक खाते में पहुंच जाते।
शुरुआत में ठग छोटे निवेश पर मामूली रकम वापस भी भेजते थे, जिससे पीड़ितों का भरोसा बढ़ता था। इससे प्रभावित होकर कई लोग बड़ी रकम निवेश कर बैठे। लेकिन जैसे ही बड़ी रकम जमा हो जाती, गिरोह के सदस्य फोन बंद कर गायब हो जाते।
पुलिस जांच में सामने आया कि यह रैकेट दिल्ली, हरियाणा और महाराष्ट्र तक फैला हुआ था। सभी आरोपी अलग-अलग भूमिकाओं में थे—कोई कॉल सेंटर जैसा सेटअप चलाता था, कोई नकली वेबसाइट बनाता था, तो कोई फर्जी बैंक खाते और डिजिटल वॉलेट की व्यवस्था करता था। पुलिस ने कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, बैंक खाते, लैपटॉप और मोबाइल जब्त किए हैं, जिनकी जांच जारी है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उन्हें लग रहा था कि वे किसी बड़ी कंपनी के असली आईपीओ में निवेश कर रहे हैं। कई लोगों ने अपनी जमा पूंजी, बोनस और यहां तक कि लोन लेकर भी निवेश किया। जब रिटर्न मिलने बंद हुए और संपर्क टूट गया, तब उन्हें समझ आया कि वे ठगे जा चुके हैं।
दिल्ली पुलिस ने लोगों को चेतावनी दी है कि स्टॉक मार्केट में किसी भी तरह की “गैर-आधिकारिक” या “गुरंटी वाला” निवेश प्रस्ताव से सावधान रहें। असली आईपीओ की जानकारी हमेशा SEBI और आधिकारिक ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म पर ही जारी होती है—कोई भी व्यक्ति प्री-लॉन्च में गारंटीड रिटर्न का दावा नहीं कर सकता।
पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और इस रैकेट से जुड़े और भी नाम सामने आ सकते हैं। फिलहाल, इस भंडाफोड़ ने उन ठगों की कमर तोड़ दी है जो लोगों की मेहनत की कमाई पर डाका डाल रहे थे।
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