नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में उपभोक्ताओं की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। दिल्ली पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए मशहूर ब्रांड ‘सेंसोडाइन’ (Sensodyne) के नाम पर नकली टूथपेस्ट बनाने वाली एक अवैध फैक्ट्री को पकड़ा है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने न केवल भारी मात्रा में तैयार नकली पेस्ट जब्त किया, बल्कि पैकिंग मशीनें और कच्चा माल भी बरामद किया है।
ब्रांडेड पैकिंग में भरा जा रहा था ‘खतरनाक’ केमिकल
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह काफी समय से सक्रिय था। ये लोग हुबहू असली दिखने वाली पैकिंग में घटिया और हानिकारक रसायनों से बना टूथपेस्ट भरकर बाजार में सप्लाई कर रहे थे। आरोपी इस नकली उत्पाद को असली बताकर थोक बाजारों में कम दाम पर बेचते थे और मोटा मुनाफा कमा रहे थे। पुलिस के मुताबिक, इस तरह के नकली उत्पादों का इस्तेमाल दांतों और मसूड़ों के लिए बेहद घातक साबित हो सकता है।
फैक्ट्री से मिलीं पैकिंग मशीनें और कच्चा माल
छापेमारी के दौरान पुलिस को फैक्ट्री से बड़ी संख्या में नामी ब्रांड के खाली ट्यूब, रैपर और कार्टन मिले हैं। इसके अलावा, पेस्ट बनाने वाली मशीनें और मिक्सिंग प्लांट भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह नकली माल दिल्ली के किन-किन इलाकों और किन दुकानदारों को सप्लाई किया गया था। इस नेटवर्क की पूरी सप्लाई चेन को खंगाला जा रहा है ताकि इस काले कारोबार की जड़ तक पहुंचा जा सके।
उपभोक्ताओं के लिए चेतावनी
इस घटना ने बाजार में बिक रहे ब्रांडेड उत्पादों की विश्वसनीयता और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और विशेषज्ञों ने उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि:
- सामान हमेशा अधिकृत (Authorized) स्टोर या भरोसेमंद दुकानों से ही खरीदें।
- पैकेजिंग पर छपे होलोग्राम, स्पेलिंग और बारकोड की बारीकी से जांच करें।
- यदि दाम बाजार रेट से बहुत कम हैं, तो वह उत्पाद नकली हो सकता है।
पुलिस की कार्रवाई जारी
दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फैक्ट्री मालिक सहित गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी कर रही है। पुलिस का कहना है कि स्वास्थ्य से जुड़े उत्पादों में मिलावट या नकली सामान बनाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई (IPC/BNS और कॉपीराइट एक्ट के तहत) की जाएगी।

