दिल्ली पुलिस,उत्तर-पश्चिम जिला
“मानव तस्करों के गिरोह का पर्दाफाश : 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची के अपहरण की सनसनीखेज वारदात का खुलासा एवं सुरक्षित बरामदगी”
- थाना भारत नगर की टीम द्वारा 04 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।
- नाबालिग बच्ची को मेरठ रेलवे स्टेशन से बहला-फुसलाकर और धमकाकर अगवा किया गया; बच्ची को सुरक्षित रूप से ग्राम झाल, जनपद शामली (उ.प्र.) से बरामद किया गया।
- आरोपी विकास व आशु ने नाबालिग बच्ची को राजीव को बेचने की साजिश रची; उसे बालिग दिखाने के लिए फर्जी आधार कार्ड तैयार कराया गया।
थाना भारत नगर की टीम ने 04 अपराधियों (1) राजीव पुत्र स्व. ओमपाल, निवासी ग्राम झाल, पोस्ट कबरौत, जनपद शामली, उ.प्र., उम्र 40 वर्ष, (2) विकास पुत्र अशोक, निवासी ग्राम कंदोला, तहसील ढोलाना, जनपद हापुड़, उ.प्र., उम्र 20 वर्ष, (3) आशी पुत्र सत्यवीर, निवासी ग्राम जातपुरा, थाना जानी, जनपद मेरठ, उ.प्र., उम्र 55 वर्ष तथा (4) रमनजोत सिंह पुत्र जगमोहन सिंह, निवासी जे-1319, विजय नगर, सेक्टर 9, गाजियाबाद, उ.प्र., उम्र 24 वर्ष को गिरफ्तार कर 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची के अपहरण का सनसनीखेज मामला सुलझा लिया है। उक्त प्रकरण में 22.07.2025 को थाना भारत नगर में एफआईआर संख्या 462/25, धारा 137(2) BNS के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था। जांच से खुलासा हुआ कि आरोपियों ने नाबालिग बच्ची को पैसों के लिए बेचने की साजिश रची थी। बच्ची को आरोपियों की गिरफ्त से सुरक्षित बरामद कर लिया गया है।


संक्षिप्त घटना विवरण :-
दिनांक 21.07.2025 को रात्रि लगभग 10:40 बजे थाना भारत नगर में एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई, जिसमें नाबालिग बच्ची के लापता होने की सूचना दी गई। बच्ची की मां ने बताया कि उसकी 13 वर्षीय बेटी सायं 5:00 बजे ट्यूशन पढ़ने जे.जे. कॉलोनी, वज़ीरपुर गई थी, परंतु घर वापस नहीं लौटी। परिस्थितियों को देखते हुए अपहरण की आशंका पर थाना भारत नगर में एफआईआर संख्या 462/2025 धारा 137(2) BNS दर्ज कर जांच प्रारंभ की गई।
टीम एवं ऑपरेशन :-
मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें एसआई शिवेंद्र, महिला एसआई शिवानी, एएसआई पुष्कर, एएसआई सुनील, एचसी कपिल, कॉन्स्टेबल मुकेश, कॉन्स्टेबल आशाराम, कॉन्स्टेबल रणजीत, कॉन्स्टेबल राकेश एवं महिला कॉन्स्टेबल प्रीति शामिल थे। यह टीम इंस्पेक्टर राम किशोर, SHO/भारत नगर एवं श्री आकाश रावत, एसीपी/आशोक विहार के नेतृत्व में कार्य कर रही थी। टीम का मुख्य उद्देश्य आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी एवं नाबालिग बच्ची को सुरक्षित छुड़ाना था।
जांच के दौरान पीड़िता का विवरण त्वरित रूप से ज़िपनेट पर अपलोड कर NCRB, SCRB, CBI व मिसिंग पर्सन्स स्क्वॉड के माध्यम से देशभर में प्रसारित किया गया। समाचार पत्रों में नोटिस प्रकाशित कराए गए तथा सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच की गई, जिसमें पीड़िता को इंदरलोक मेट्रो बस स्टैंड के पास देखा गया। 30 से अधिक मोबाइल नंबरों की जांच की गई, संदिग्ध इंस्टाग्राम अकाउंट चेक किए गए और दिल्ली, हरियाणा व उत्तर प्रदेश (मथुरा, रोहिणी, पलवल, द्वारका, शकूरपुर और विभिन्न रेलवे स्टेशनों) में कई छापेमारी की गई। अंततः 16.08.2025 को तकनीकी निगरानी के आधार पर आरोपियों की लोकेशन ग्राम झाल, जिला शामली (उ.प्र.) में पाई गई। स्थानीय पुलिस की मदद से तत्काल छापेमारी कर आरोपी राजीव के घर से 13 वर्षीय बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
गिरफ्तारी के दौरान तीन मुख्य आरोपियों की पहचान (1) राजीव पुत्र स्व. ओमपाल, निवासी ग्राम झाल, पोस्ट कबरौत, जनपद शामली, उ.प्र., उम्र 40 वर्ष, (2) विकास पुत्र अशोक, निवासी ग्राम कंदोला, तहसील ढोलाना, जनपद हापुड़, उ.प्र., उम्र 20 वर्ष एवं (3) आशी पुत्र सत्यवीर, निवासी ग्राम जातपुरा, थाना जानी, जनपद मेरठ, उ.प्र., उम्र 55 वर्ष के रूप में हुई।

पीड़िता का बयान :-
पीड़िता ने बताया कि वह तनाव की स्थिति में घर से निकली और इंदरलोक मेट्रो स्टेशन से मेट्रो द्वारा नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुँची। वहाँ से ट्रेन पकड़कर मेरठ पहुँची, जहाँ उसकी मुलाकात आरोपी विकास से हुई। विकास उसे आरोपी आशु के घर ले गया। आरोपियों ने पहले उसे झूठे वादों से बहलाया और बाद में धमकाया, जिसके चलते वह उनकी साजिश में फँस गई।
पूछताछ एवं तस्करी की साजिश :-
गिरफ्तार आरोपियों से कड़ी पूछताछ पर चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। आरोपी विकास ने खुलासा किया कि उसने मेरठ रेलवे स्टेशन पर नाबालिग बच्ची को बहलाया और सह-अभियुक्त आशी के साथ मिलकर उसे पैसों के लिए बेचने की योजना बनाई। दोनों ने बच्ची को अविवाहित आरोपी राजीव को सौंपने की साजिश रची, जो पैसे देने के लिए तैयार था। इस उद्देश्य से पीड़िता का फर्जी आधार कार्ड बनवाया गया, जिसमें उसे बालिग दिखाया गया। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी राजीव ने 24.07.2025 को बच्ची से जबरन विवाह किया और 28.07.2025 से अपने घर पर उसका यौन शोषण करता रहा। आगे पूछताछ में यह तथ्य भी सामने आया कि आरोपी विकास ने फोन पर रमनजोत सिंह पुत्र जगमोहन सिंह, निवासी गाजियाबाद, उ.प्र. से संपर्क कर पीड़िता का फर्जी आधार कार्ड बनवाया, जिसमें उसे बालिग दर्शाया गया था।
दिनांक 17.08.2025 को थाना भारत नगर की टीम आरोपी विकास को साथ लेकर गाजियाबाद पहुँची और वहाँ छापेमारी कर तस्करी गिरोह के एक और साजिशकर्ता रमनजोत सिंह पुत्र जगमोहन सिंह, निवासी जे-1319, विजय नगर, सेक्टर-9, गाजियाबाद, उ.प्र., उम्र 24 वर्ष को गिरफ्तार किया। वह अपने आवास के ग्राउंड फ्लोर पर मदन साइबर कैफे के नाम से साइबर कैफे चला रहा था। पूछताछ में सामने आया कि उसने फर्जी आधार कार्ड तैयार कर आरोपियों की मदद की थी। उसके कब्जे से वह मोबाइल फोन बरामद हुआ, जिसका उपयोग आधार कार्ड बनाने और भेजने के लिए किया गया था। उक्त आधार कार्ड सेज्दा पीडीएफ एडिटर एप्लिकेशन से तैयार किया गया था।
सभी आरोपियों को मुकदमे में गिरफ्तार कर उनकी भूमिका एवं अपराध की गंभीरता के आधार पर उपयुक्त धाराओं में कार्यवाही की गई है। आरोपियों पर BNS की धारा 143/144/64/337/339/351(2)/61, साथ ही पोक्सो अधिनियम की धारा 6 एवं 21 तथा बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 की धारा 9 एवं 10 के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया है।
आरोपियों का विवरण :-
- राजीव पुत्र स्व. ओमपाल, निवासी ग्राम झाल, पोस्ट कबरौत, जनपद शामली, उ.प्र., उम्र 40 वर्ष।
- विकास पुत्र अशोक, निवासी ग्राम कंदोला, तहसील ढोलाना, जनपद हापुड़, उ.प्र., उम्र 20 वर्ष।
- आशु पुत्र सत्यवीर, निवासी ग्राम जातपुरा, थाना जानी, जनपद मेरठ, उ.प्र., उम्र 55 वर्ष।
- रमनजोत सिंह पुत्र जगमोहन सिंह, निवासी जे-1319, विजय नगर, सेक्टर 9, गाजियाबाद, उ.प्र., उम्र 24 वर्ष।
बरामदगी :-
- 04 मोबाइल फोन, जो साजिश में उपयोग किए गए।
- पीड़िता का फर्जी आधार कार्ड, जिसमें उसे बालिग दिखाया गया था।

