एहसान अंसारी,दिल्ली दर्पण
नई दिल्ली: कांग्रेस ने मोदी सरकार पर दोहरा रवैया अपनाने और राजनीतिक विरोधियों की आवाज दबाने के लिए आईटी नियमों के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी की सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पिछले छह हफ्तों के भीतर कांग्रेस के नौ एआई (AI) जनरेटेड वीडियो सोशल मीडिया से डिलीट कराए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन सभी वीडियो पर कानून के अनुसार ‘एआई डिस्क्लेमर’ मौजूद था, जिससे भ्रम की कोई गुंजाइश नहीं थी, फिर भी इन्हें तानाशाही पूर्ण तरीके से हटवाया गया।
सुप्रिया श्रीनेत ने बताया कि इन वीडियो को हटाने के आदेश भाजपा शासित राज्यों—बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की पुलिस के साथ-साथ सीधे केंद्रीय आईटी मंत्रालय द्वारा दिए गए। उन्होंने कहा कि इन वीडियो में कोई काल्पनिक बात नहीं थी, बल्कि सड़क से लेकर संसद तक उठाए गए ज्वलंत मुद्दे थे। इनमें पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे की जिम्मेदारी, अमेरिका के साथ ट्रेड डील, रूस से तेल आयात और अडानी मामले जैसे विषयों पर तीखा राजनीतिक व्यंग्य किया गया था। कांग्रेस प्रवक्ता के अनुसार, राजनीतिक आलोचना और व्यंग्य को ‘डीपफेक’ की श्रेणी में रखकर हटाना अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला है।
सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए श्रीनेत ने कहा कि सोशल मीडिया टीम के युवाओं को पुलिस के जरिए डराया जा रहा है और स्वतंत्र कंटेंट क्रिएटर्स के चैनलों को ‘डिमोनेटाइज़’ (कमाई बंद करना) किया जा रहा है। उन्होंने आगामी ‘सहयोग’ पोर्टल को लेकर भी आगाह किया, जिसे वे ऑनलाइन सेंसरशिप का हथियार मानती हैं। दिल्ली में आयोजित एआई समिट पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि एक वैश्विक आयोजन को केवल प्रधानमंत्री के ‘फोटो शूट’ तक सीमित कर दिया गया, जहाँ बुनियादी सुविधाएं और इंटरनेट तक स्थिर नहीं था। उन्होंने चीनी रोबोट को स्वदेशी बताकर प्रचारित करने की घटना को देश की छवि धूमिल करने वाला बताया।
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