अंशु ठाकुर, दिल्ली दर्पण टीवी
बुधवार को मोदी सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए जाति जनगणना करवाने का फैसला किया है. और इस फैसले के बाद खुद को क्रेडिट देने की होड़ सी लग गयी है. जहाँ कांग्रेस पार्टी ये दावा कर रही है कि यह फैसला पीएम मोदी ने यह फैसला राहुल गाँधी के उन पर दबाब डालने के बाद लिया वहीँ आम आदमी पार्टी ने भी अपना रुख साफ़ कर दिया और यह कहा कि आम आदमी पार्टी जाति जनगणना के पक्ष में है लेकिन ऐसा न हो कि महिला आरक्षण की तरह इसे भी ठन्डे बस्ते में डाल दिया जाए.

साथ ही उन्होंने कहा, ”पहलगाम में आतंकवादियों ने 27 निर्दोष निहत्थे लोगों की हत्या कर दी, पूरा देश इंतजार कर रहा था की पीएम मोदी आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे. PoK को वापस लेने के लिए हमले का ऐलान करेंगे. ध्यान भटकाने के लिए पीएम मोदी “जाति जनगणना”कराने की बात कर रहे हैं.”
सौरभ भारद्वाज ने क्या कहा?

वहीं आम आदमी पार्टी के दिल्ली के संयोजक और पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि कई दिनों से मीडिया में चल रहा था कि प्रधानमंत्री कोई बड़ा फ़ैसला लेने वाले हैं. पाकिस्तान पूरी रात नहीं सोया, पाकिस्तान कांप रहा है. लेकिन केंद्र सरकार कैबिनेट मीटिंग में जातिगत जनगणना को लेकर फैसला करती है.
उन्होंने आगे कहा, ”पूरा देश, सभी राजनीतिक दल केंद्र सरकार के साथ खड़े थे कि सरकार पाकिस्तान से बदला लेगी. बीजेपी सरकार अपने जातिगत जनगणना के फ़ैसले से पूरी बहस को घुमाने की कोशिश कर रही है, जिसे देश की जनता अच्छे से समझ रही है.
पार्टी ने कहा, ”आम आदमी पार्टी शुरू से ही जातिगत जनगणना की मांग करती रही है लेकिन बीजेपी जातिगत जनगणना को लेकर गंभीर नहीं है.”

