Sunday, February 15, 2026
spot_img
HomeDelhi Politicsसीएम रेखा गुप्ता का तंज: केजरीवाल दिनभर मेरी रील देखते हैं, पंजाब...

सीएम रेखा गुप्ता का तंज: केजरीवाल दिनभर मेरी रील देखते हैं, पंजाब पर ध्यान दे

नई दिल्ली। दिल्ली की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बीच बयानबाज़ी का दौर तेज हो गया है। हाल ही में रेखा गुप्ता ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व सीएम पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि “केजरीवाल दिनभर मेरी रील देखते हैं, लेकिन पंजाब जैसे गंभीर मुद्दों पर ध्यान नहीं देते।” उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।

सोशल मीडिया से राजनीतिक हमले तक

रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपनी सक्रियता के लिए नई पहचान बनाई है। उनकी शख्सियत और आम जनता से जुड़ने का तरीका लोगों के बीच खासा लोकप्रिय हो रहा है। इसी बीच उन्होंने यह आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल जनता से जुड़े मुद्दों पर बोलने के बजाय उनके वीडियो और पोस्ट पर नज़र गड़ाए रहते हैं। गुप्ता का कहना है कि “एक पूर्व मुख्यमंत्री को जनता की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन आज हालात यह हैं कि पंजाब में कानून-व्यवस्था बिगड़ रही है और पूर्व सीएम दिल्ली की राजनीति में रील देखने तक सिमट गए हैं।”

पंजाब की स्थिति पर सवाल

रेखा गुप्ता ने पंजाब की मौजूदा स्थिति पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पंजाब में अपराध और नशे की समस्या लगातार बढ़ रही है। किसानों की समस्याएं अब भी ज्यों की त्यों बनी हुई हैं, लेकिन पंजाब सरकार की नीतियों में स्थिरता और गंभीरता का अभाव है। इस मुद्दे को उठाते हुए गुप्ता ने केजरीवाल पर सीधा निशाना साधा और कहा कि “जिन्हें पंजाब की जनता ने बड़ी उम्मीदों से सत्ता सौंपी थी, वे अब दिल्ली की राजनीति में उलझकर रह गए हैं।”

केजरीवाल की चुप्पी

रेखा गुप्ता के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा जोरों पर है कि क्या अरविंद केजरीवाल इस तंज का कोई जवाब देंगे। अब तक उन्होंने सीएम के आरोपों पर कोई सीधा बयान नहीं दिया है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि गुप्ता का यह हमला सिर्फ बयानबाज़ी नहीं, बल्कि रणनीति का हिस्सा है। इससे एक ओर वे अपने समर्थकों को मज़बूत कर रही हैं और दूसरी ओर केजरीवाल को असहज स्थिति में डाल रही हैं।

रील्स और राजनीति का नया समीकरण

दिल्ली की राजनीति में सोशल मीडिया का असर दिन-ब-दिन बढ़ रहा है। नेताओं के बीच पारंपरिक प्रेस कॉन्फ्रेंस और रैलियों के साथ-साथ इंस्टाग्राम, फेसबुक और ट्विटर जैसे प्लेटफॉर्म पर भी ज़बरदस्त सक्रियता देखी जा रही है। रेखा गुप्ता की यह टिप्पणी इसी बदलते परिदृश्य को दर्शाती है, जहां रील्स और वीडियो भी राजनीतिक हथियार बन चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आज के दौर में जनता तक संदेश पहुँचाने का सबसे सीधा माध्यम सोशल मीडिया ही है, और गुप्ता ने इसी बिंदु को अपने बयान में इस्तेमाल किया।

विपक्ष की प्रतिक्रिया

गुप्ता के इस तंज पर विपक्षी दलों ने भी अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी है। कुछ नेताओं ने इसे ‘राजनीति का स्तर गिराने वाला बयान’ बताया, तो वहीं गुप्ता के समर्थकों ने कहा कि “यह जनता की सच्चाई है, जिसे सीएम ने बेबाकी से उजागर किया।” राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि आने वाले समय में इस मुद्दे पर और भी गरमागरम बहस देखने को मिल सकती है।

चुनावी रणनीति या व्यक्तिगत हमला?

विश्लेषकों का कहना है कि रेखा गुप्ता का यह बयान केवल व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं है, बल्कि यह एक सोची-समझी रणनीति है। आगामी चुनावों को देखते हुए वह यह संदेश देना चाहती हैं कि उनकी नज़र जनता की समस्याओं पर है, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी केवल लोकप्रियता बटोरने में लगे हुए हैं। गुप्ता लगातार खुद को ज़मीनी नेता के रूप में पेश कर रही हैं और यही कारण है कि उनके बयानों का असर आम जनता में भी गूंज रहा है।

निष्कर्ष

रेखा गुप्ता का यह तंज केवल बयानबाज़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिल्ली और पंजाब की राजनीति को नए मोड़ पर खड़ा कर रहा है। उनके इस आरोप ने न केवल अरविंद केजरीवाल पर दबाव बढ़ाया है, बल्कि सोशल मीडिया और राजनीति के रिश्ते को भी उजागर कर दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि केजरीवाल इस बयान का किस तरह से जवाब देते हैं और पंजाब की राजनीति में उनकी क्या भूमिका बनती है।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments